फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पापों से मुक्ति पाने का दिन है शिवरात्रि : संगम

Sat, 14 Feb 2026 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
विज्ञापन
शिवलिंग में है सभी देवी देवताओं का वास
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर शहर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रहे श्री शिव महापुराण कथा के नौंवे दिन महंत संगम भारती ने शिव-पार्वती विवाह के बाद की लीलाओं, शिव की महिमा, और शिव महापुराण के पाठ के लाभों के बारे में बताया। शिवरात्रि के पावन पर्व पर, कथा वाचक ने शिव भक्ति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा शिवरात्रि का दिन शिव भक्ति के माध्यम से मोक्ष, पापों से मुक्ति, और जीवन में सुख-शांति पाने के उपदेशों पर केंद्रित होता है। उन्होंने बताया कि शिवलिंग में सभी देवी-देवताओं का वास है, और संपूर्ण सृष्टि भी इसी में समाई हुई है। इसलिए, महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग और महादेव की पूजा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कथा वाचक ने समुद्र मंथन की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान शिव ने विष का पान कर सृष्टि को विनाश से बचाया था। यही कारण है कि इस दिन व्रत, पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
विज्ञापन

उन्होंने शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा शिव एक सूक्ष्म, पवित्र व भगवान स्वदीप्तिमान दिव्य ज्योति पुंज हैं, अर्थात ज्योति का प्रतीक। उन्हें सत्यम-शिवम-सुंदरम कहा जाता है, वही सत-चित-आनंद स्वरूप भी है। कथा वाचक ने कलयुग के बारे में भी बताया कि कलयुग में धर्म की हानि होगी, और अधर्म का बढ़ाव होगा। लोगों में लोभ, मोह, और क्रोध बढ़ेगा, और वे अपने कर्तव्यों को भूल जाएंगे, लेकिन शिव जी की कृपा से ही हम इस युग के दुष्प्रभावों से बच सकते हैं।

लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें