श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
कथा में शिव के अवतारों और शिव महिमा का सुनाया प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्री शिवपुराण कथा के चौथे दिन महंत संगम भारती जी ने बताया कि शिवपुराण में भगवान शिव की महिमा और उनके अवतारों का वर्णन है। उन्होंने कहा शिव ही सत्य हैं, शिव ही ज्ञान हैं, और शिव ही परम आनंद हैं। जो शिव को जान लेता है, वह शिव हो जाता है।
उन्होंने बताया कि शिवपुराण में शिव के विभिन्न रूपों जैसे कि शिव का नटराज रूप, शिव का महाकाल रूप, और शिव का शंकर रूप अन्य सभी रूपों का महत्व बताया गया है। संगम भारती ने कहा शिव की भक्ति से जीवन में सुख, शांति और आनंद आता है। शिव की कृपा से सभी बंधनों से मुक्ति मिलती है और आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। उन्होंने आगे कहा शिव का तांडव नृत्य सृष्टि के चक्र को दर्शाता है, और शिव का तीसरा नेत्र ज्ञान का प्रतीक है। शिव की पूजा से जीवन में संतुलन और शांति आती है। कथा वाचक ने शिव के अवतारों के बारे में भी बताया, जैसे कि शिव का वीरभद्र अवतार, शिव का भैरव अवतार, और शिव का कालभैरव अवतार। उन्होंने कहा शिव के अवतार सृष्टि के संतुलन को बनाए रखने के लिए होते हैं। कथा वाचक ने कहा कलियुग में भगवान शिव की भक्ति ही एकमात्र साधन है जो हमें इस युग के दुष्प्रभावों से बचाती है। शिव की कृपा से ही हम कलियुग के पापों से मुक्त हो सकते हैं। उन्होंने बिल्व पत्र की महिमा बताते हुए कहा कि बिल्व पत्र चढ़ाते समय ॐ नमः शिवाय अवश्य बोलना चाहिए, जिससे भोले नाथ अति प्रसन्न होते हैं।