भराड़ी समेत कई क्षेत्रों के लोगों ने रूट बहाल करने की उठाई मांग, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा दिक्कत
ग्रामीणों ने परिवहन निगम से जल्द बहाली की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्षों पुरानी शिमला-कांगड़ा बस सेवा पिछले करीब दो माह से बंद है। इससे घुमारवीं उपमंडल के भराड़ी, लेठवीं, मिहाड़ा, लदरौर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा बंद होने से ग्रामीणों को निजी वाहनों और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों अजय शर्मा, सुरेंद्र, सोहनलाल, राजेश, राकेश, संजीव, संदीप, दिनेश और बलबंत ने बताया कि कांगड़ा से चलने वाली यह बस सुबह करीब सात बजे लदरौर पहुंचती थी। इसके बाद भराड़ी, लेठवीं, मिहाड़ा और आसपास के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलता था। सुबह की बस नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अस्पताल व सरकारी कार्यालय जाने वालों के लिए काफी सुविधाजनक थी।
बस सेवा बंद होने से घुमारवीं, बिलासपुर, शिमला और अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के साधन पहले ही सीमित हैं। ऐसे में एक नियमित बस सेवा बंद होने से कई लोगों को बार-बार बस बदलनी पड़ रही है। इससे अतिरिक्त समय और किराया भी खर्च हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि बस रूट कई गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा था। उन्होंने परिवहन निगम से बस सेवा बंद होने का कारण स्पष्ट करने और जल्द रूट बहाल करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि यदि पुराने समय पर बस चलाना संभव नहीं है तो यात्रियों की सुविधा के अनुसार समय में बदलाव किया जा सकता है।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार बस बंद होने से सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। निजी वाहन की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।