पेयजल स्रोतों पर मंडराया खतरा,तीन जगहों से झरने की तरह बह रहा गंदा पानी
दर्जनों गांवों में जल जनित बीमारियों का बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था अब लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए चिंता का कारण बन गई है। सीर खड्ड पुल के समीप नए और पुराने पुल के बीच करीब तीन स्थानों से सीवरेज का मलयुक्त पानी लगातार खड्ड में गिर रहा है। इससे क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोत के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि सीर खड्ड का पानी आसपास के दर्जनों गांवों की पेयजल योजनाओं का मुख्य स्रोत है। ऐसे में सीवरेज का गंदा पानी सीधे खड्ड में मिलने से हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। मौके पर देखा गया कि कई स्थानों पर सीवरेज पाइप क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। एक जगह पाइप पूरी तरह टूट गई है, जबकि अन्य स्थानों से भी लगातार गंदा पानी बह रहा है।
बरसात के कारण यह दूषित पानी तेजी से खड्ड में फैल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो डायरिया, पीलिया और टाइफाइड जैसी जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
लोगों का कहना है कि सीवरेज लाइनों की नियमित निगरानी नहीं होने से पाइप टूटने के बाद भी लंबे समय तक मरम्मत नहीं होती। इससे न केवल पेयजल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि सीर खड्ड के जलीय पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जलशक्ति विभाग, नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि क्षतिग्रस्त सीवरेज पाइपों की तुरंत मरम्मत कर गंदे पानी को खड्ड में गिरने से रोका जाए।
कोट
मामला ध्यान में आया है। टीम को मौके पर भेजकर क्षतिग्रस्त सीवरेज पाइप को जल्द ठीक करवाया जाएगा। जहां भी लीकेज की शिकायतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
पवन कुमार,सहायक अभियंता,जलशक्ति विभाग