शिमला में फैले पीलिया के बाद आईपीएच के साथ-साथ जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। नगर परिषद घुमारवीं के तहत सीवरेज कनेक्शन से वंचित लगभग 150 परिवार जल्द सीवरेज लाइन से जुड़ेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने 15 लाख रुपये मंजूर किए हैं। पहली किश्त के रूप में 10 लाख रुपये की राशि उपायुक्त ने जारी कर दी है।
घुमारवीं नगर परिषद में स्थित सर्किट हाउस के पास के क्षेत्रों में लगभग 150 परिवार सीवरेज से नहीं जुड़े हैं। आईपीएच विभाग के अधिकारियों की मानें तो अपनी जमीन से कुछ लोग लाइन बिछाने को राजी नहीं हो रहे जिस कारण यह दिक्कत हो रही है। आईपीएच ने इसके लिए साइट बदलते हुए सरकारी जमीन से सीवरेज लाइन बिछाने की प्रपोजल तैयार की। इसके तहत सरकारी जमीन से होकर सीवरेज लाइन बिछाने का खाका तैयार किया गया है।
सीमेंट के बड़े पोल बनाकर उसके ऊपर से सीवरेज लाइन लोगों के घरों तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने 15 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि सीवरेज की सौ फीसदी कनेक्टिविटी के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है। घुमारवीं नगर परिषद में सर्किट हाऊस के पास के क्षेत्रों को सीवरेज से जोड़ने के लिए 15 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। इसमें से दस लाख रुपये संबंधित विभाग को जारी भी किए गए हैं।
बिलासपुर शहर के लिए प्रस्तावित 22 करोड़ रुपये के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए बीबीएमबी की मंजूरी अभी तक लिखित तौर पर नहीं मिली है। हालांकि, बीबीएमबी से सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन अभी तक लिखित में मंजूरी नहीं मिली है। लिहाजा, जिला प्रशासन अब इस मसले को राज्य सरकार के समक्ष उठाने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पुरानी सीवरेज प्रणाली को बदलने के लिए सरकार ने 22 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना मंजूर की है जिसके तहत लुहणू खैरियां में बीबीएमबी की जमीन पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना है, जबकि एक प्लांट लखनपुर में लगाया जाएगा। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने कहा कि एनओसी का यह मामला सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। ताकि जल्द एनओसी मिल सके।