विकास खंड स्वारघाट की ग्राम पंचायत टाली-जकातखाना के गांव टिक्कर में जंगली मशरूम खाने से सात लोग फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आ गए हैं। सभी लोगों को पहले उपचार के लिए स्वारघाट स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। मगर यहां प्राथमिक उपचार के बाद ही उनकी हालत में कोई सुधार न होता देख उन्हें जिला अस्पताल बिलासपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। सातों लोग एक ही परिवार से संबंधित हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह टिक्कर गांव के नंद लाल के परिवार के सात सदस्यों ने घर के समीप खेतों में उगी जंगली मशरूम (देसी खुंभ) की सब्जी बनाकर खा ली। इसे खाने के बाद सभी को उल्टी और दस्त के साथ चक्कर आना शुरू हो गया।
पहले तो परिवार के सदस्यों ने इसे सामान्य तौर पर लिया। मगर दोपहर तक परिवार के सदस्यों की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए फौरन प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्वारघाट लाया गया। यहां तैनात डॉक्टर ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
मगर मरीजों की हालत में कोई सुधार नहीं आया। इसको देखते हुए सभी को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर रेफर कर दिया गया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। बिलासपुर के चिकित्सकों के अनुसार सभी सदस्यों के स्वास्थ्य में सुधार है और अब खतरे की कोई बात नहीं है।
जंगली मशरूम की खाई थी सब्जी
बीमार परिवार के सदस्य भूपेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उसके चाचा नंद लाल के परिवार ने आज सुबह खेतों के आस-पास उगे हुए जंगली मशरूम(खुंभ) की सब्जी बनाकर खाई थी।
जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद परिवार के सात सदस्य नंद लाल, द्रोपदी देवी, बलबीर, सुंदर सिंह, रेणुका, शबनम और करुणा को उल्टी-दस्त और सिर चकराने की शिकायत हुई। इसके चलते उन्हें अपनी निजी कार और एंबुलेंस 108 की सहायता से पीएचसी स्वारघाट पहुंचाया था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रदेश में जंगली खुंभ खाने से कई लोग बीमार हो चुके हैं।