स्वारघाट (बिलासपुर)। पंचायतीराज चुनाव के समय आचार संहिता के दौरान पूर्व प्रधान ने सलोआ पंचायत कार्यालय को खोलकर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। इसके चलते 19 जनवरी को पंचायत भवन को सील कर दिया गया था। ग्राम पंचायत सलोआ के कार्यालय को प्रशासन ने अब लोगों की मौजूदगी में खोल दिया है। हालांकि पंचायत का रिकॉर्ड अभी भी सील है और एक कमेटी मामले की जांच कर रही है।
19 जनवरी को पूर्व पंचायत प्रधान, उसके पति और सहायक जेई पंचायत कार्यालय में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर रहे थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम स्वारघाट और पुलिस को कर दी थी। मौके पर एसडीएम स्वारघाट पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे और पंचायत कार्यालय को सील कर दिया था। एसडीएम स्वारघाट ने बीडीओ को जांच के आदेश दिए थे।
ग्रामीणों तरसेम लाल शर्मा, सुखदेव, अजय चंदेल, तरसेम लाल आदि ने आरोप लगाए हैं कि पिछली पंचायत के कार्यकाल में घोटाले हुए हैं और इन घोटालों में पंचायत प्रधान से लेकर पंचायत के सभी वार्ड मेंबर शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को खुला शौचमुक्त घोषित कर दिया है। जबकि जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं है। कई घरों में अभी तक शौचालय नहीं बने हैं। कार्यों के बोर्ड लगा दिए हैं, लेकिन मौके पर काम नहीं हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन जांच करता है तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जांच अधिकारी बीडीओ स्वारघाट विवेक पाल ने कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। शुक्रवार को लोगों की मौजूदगी में पंचायत कार्यालय को खोल दिया गया है। पंचायत का रिकॉर्ड अभी सील है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है।