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Bilaspur News: सरायघाटी सड़क स्तरोन्नयन अधर में, घेराव की चेतावनी

Wed, 11 Jun 2025 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत धार टटोह-द्रोबड़ वाया सरायघाटी सड़क का अपग्रेडेशन कार्य
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रहे मार्ग का कार्य महीनों से ठप
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दस गांवों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है असर
विभाग को कई बार अवगत करवाया, फिर भी नहीं हुआ काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत धार टटोह-द्रोबड़ वाया सरायघाटी सड़क का स्तरोन्नयन कार्य कई महीनों से बंद पड़ा है। सड़क निर्माण अधर में लटकने से न सिर्फ क्षेत्र की जनता परेशान है, बल्कि लोगों में लोक निर्माण विभाग के प्रति गहरी नाराजगी भी है। । इतना ही नहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो वे अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे।
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इस सड़क का निर्माण पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया गया था, जिससे क्षेत्र के करीब 10 गांवों को लाभ मिला। 2022 में इसके अपग्रेडेशन के लिए केंद्र सरकार ने 9 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। 2023 में लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य ठेकेदार को सौंपा गया। ठेकेदार ने काम शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद इसे अधूरा छोड़ दिया। सड़क को उखाड़कर छोड़ देने से अब जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे जहां आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं उड़ती धूल से लोगों को सांस संबंधी परेशानियां होने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि द्रोबड़, धारटटोह, सोलग और जुरासी क्षेत्र के सैकड़ों युवा इसी सड़क से रोजाना सीमेंट कंपनी सहित अन्य जगहों पर दोपहिया वाहनों से आवाजाही करते हैं। लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। सड़क में की गई कटिंग के कारण बरसात में खेतों में पानी घुसने और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। द्रोबड़ पंचायत की प्रधान निशा देवी, उप प्रधान पिस्तू राम, धार टटोह के उप प्रधान अमरनाथ ठाकुर, भाजपा सदर मंडल उपाध्यक्ष सुभाष ठाकुर, पूर्व प्रधान परमानंद ठाकुर, जोगेंद्र, संतराम व हेमराज आदि ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग को अवगत करवाया गया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि यदि विभाग 15 दिन के भीतर काम शुरू नहीं करवाता है, तो वे मजबूरन लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
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