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श्री नयना देवी में दुकानें पीछे हटाने पर बवाल

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श्री नयना देवी जी में नप कार्यकारी अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने के बाद रोष जताते दुकानदार - फोटो : BILASPUR
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श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में
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बुधवार को मंदिर प्रशासन और दुकानदारों के बीच विवाद हो गया। दुकानें पीछे करवाने पहुंचे कार्यकारी अधिकारी से दुकानदार उलझ गए और उन्होंने एक साथ पूरे बाजार को बंद कर दिया। बुधवार को नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी दलबल सहित दुकानदारों को दुकानें पीछे करवाने मौके पर पहुंची। उनका कहना था कि दुकानों को यलो लाइन से पीछे ही लगाया जाए। इस पर दुकानदार भड़क गए।
दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
दुकानदार शीशपाल, पालूराम, गुरदास, अल्केंद्र भूषण, नीरज शर्मा, योगेश कुमार, अजय कुमार, मोहन सिंह, मदन लाल, रतन लाल और मलू राम ने बताया कि पिछले वर्ष उनका कोरोना महामारी के चलते काफी नुकसान हुआ है। शहरों में तो बाजार खुले रहे, लेकिन श्री नयना देवी का बाजार कई महीने तक बंद रहा। यहां का सारा कारोबार श्रद्धालुओं पर निर्भर करता है। मंदिर बंद होने के कारण और श्रद्धालुओं के न आने से उनके रोजी-रोटी के लाले पड़ गए। उनका पूरा सामान दुकानों में पड़ा खराब हो गया। जोकि उन्हें फेंकना पड़ा। लेकिन उसके बावजूद मंदिर प्रशासन ने उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं प्रदान की।
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उन्होंने कहा कि अभी कुछ महीने पहले दुकानें खोली हैं और इस बार मेला शुरू हुआ है। लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अन्य वर्षों से काफी कम है। दुकानदार पहले ही परेशान हैं और उनके छोटे-छोटे बच्चों को रोजी-रोटी के लाले पड़ रहे हैं। कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में असमर्थ नजर आती है और स्वराज स्वरोजगार के साधन दुकानदारों ने बनाए हैं तो उन्हें बार-बार तंग किया जाता है। उन्होंने सरकार, प्रशासन से मांग की है कि उन्हें परेशान न किया जाए। मंदिर अधिकारी तहसीलदार हुसन चंद चौधरी ने बताया कि दुकानदारों से बातचीत कर मामला सुलझा लिया गया है। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नियमों का पालन आवश्यक है। कहा कि दुकानदार अपना सामान यलो लाइन से पीछे हटाने के लिए मान गए हैं।
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