खतरे से खाली नहीं है नयना देवी वापसी मार्ग पर सफर
श्रावण अष्टमी मेला नजदीक, शिकायत के बाद भी हो रही अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी (बिलासपुर)। नयनादेवी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेले शुरू होने वाले हैं, लेकिन वापसी मार्ग पर खतरा मंडरा रहा है। पिछले वर्ष बरसात में गिरे डंगे की मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। सड़क का किनारा कमजोर हो चुका है और बारिश के चलते सड़क के धंसने की आशंका बनी हुई है।
नयनादेवी मंदिर जाने के बाद वापसी के लिए सह सड़क सिंगल लेन है। वाहन चालक जोखिम उठाकर वहां से गुजर रहे हैं। विभाग का कहना है कि सड़क के किनारे बनाए गए मकान की वजह से डंगा गिरा है, इसलिए इसकी मरम्मत का जिम्मा भी इसी परिवार का है। उधर, 25 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण अष्टमी मेले के लिए नयनादेवी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने वाली है। ऐसे में यह मार्ग किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अच्छर सिंह ने बताया कि डंगे के समीप बने मकान के मालिक पर अधिशासी अभियंता ने एफआईआर दर्ज करवाई है। डंगे की मरम्मत पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। कार्य कब शुरू होगा इसकी कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही की कीमत श्रद्धालुओं को चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने मेले से पहले डंगे की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।