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Bilaspur News: जिले में दो दिन में बारिश से पांच गोशालाओं, रसाेईघर, वर्कशाॅप को क्षति

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लोक निर्माण विभाग को पौने तीन करोड़ और जलशक्ति विभाग को डेढ़ करोड़ का नुकसान
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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन भूस्खलन के कारण तीन जगह वन-वे
विभागों ने प्रशासन को सौंपी करोड़ों के नुकसान की रिपोर्ट, आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश ने निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गत दो दिन के दौरान विभिन्न तहसीलों से नुकसान की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें गोशालाएं, रसोईघर, वर्कशॉप और अन्य स्थायी ढांचे गिर गए हैं। वहीं, लोक निर्माण और जलशक्ति विभाग ने करोड़ों रुपये के नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी है।
तहसील घुमारवीं के गांव दून में सुंदर राम की गोशाला को 40 हजार, पाल्टी में यशपाल की गोशाला को 50 हजार, गैहरा गांव में राजेंद्र सिंह की गोशाला को 50 हजार, बड़गांव में देवदत्त की गोशाला को 75 हजार, लखाला में ज्ञान चंद की गोशाला को 20 हजार का नुकसान पहुंचा है। गांव रत में कांशी राम की वर्कशॉप को 50 हजार और नाली पलौन सदर में धर्म सिंह के रसोईघर को 1.00 लाख का नुकसान हुआ है। नगर पंचायत तलाई ने 20 और 21 जुलाई को हुई बारिश के चलते 35.90 लाख के नुकसान की रिपोर्ट दी है, जबकि जिला उच्च शिक्षा अधिकारी ने 50 हजार की क्षति की जानकारी दी है।
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जलशक्ति विभाग को 21 और 22 जुलाई को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, लोक निर्माण विभाग को पौने तीन करोड़ की चपत लगी है। विभाग ने रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है, जो दो दिन में अब तक का सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। प्रशासन ने नुकसान की रिपोर्ट मिलने के बाद राहत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में टीमें भेजी जा रही हैं और नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को त्वरित राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में किरतपुर-नेरचौक फोरलेन भूस्खलन के कारण तीन जगह समलेटू, मैहला और बलोह टोल के पास वन-वे हुआ है। वहीं, गुतराहण-दयोथ सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है। इसकी वजह से इस ग्रामीण सड़क पर शाम तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही थी। वहीं, शाम को लोक निर्माण विभाग ने इसे बहाल किया।
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उपायुक्त राहुल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। खड्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। बताया कि जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 या जिला नियंत्रण कक्ष के नंबरों 01978-224901, 902, 903, 904 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही उपमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। सदर का 01978-224798, घुमारवीं का 01978-255227, झंडूता का 01978-272122 और स्वारघाट का नंबर 01978-284094 है। कहा कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जलशक्ति विभाग को प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग को अवरुद्ध सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने को कहा गया है। लोगों से आग्रह किया है कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न लें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करें।
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