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प्रशासन के नोटिसों की एनएचएआई कर रहा अनदेखी

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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण मामले में एनएचएआई को प्रशासन के नोटिसों की परवाह नहीं है। प्रशासन की ओर से एक के बाद एक धड़ाधड़ जारी हो रहे नोटिसों को अथॉरिटी मानों रद्दी की टोकरी में डाल रही है। ऐसे में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट प्लान में किए गए बदलाव की जांच नोटिस देने तक ही सीमित हैं। तहसीलदार सदर इस मामले में एनएचएआई भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई के तहसीलदार को कई नोटिस दे चुके हैं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। हैरानी की बात है कि तहसीलदार सदर स्तर से हो रही इस कार्यवाही में अंतिम नोटिस होने का उल्लेख होने पर भी एनएचएआई पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अब तहसीलदार सदर से एनएचएआई के तहसीलदार को एक बार फिर अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
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बताते चलें कि गत वर्ष उपायुक्त बिलासपुर के आदेशों पर अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव की नियमानुसार जांच की कार्यवाही शुरू हुई थी। चारों तहसीलों से संबंधित एसडीएम की चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया था। लेकिन, नोटिसों से आगे नहीं बढ़ पा रही है। 13 माह बीत जाने पर भी न तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी के परियोजना निदेशक इस संबंध में असल रिकॉर्ड उपलब्ध करवा पाए हैं और न ही संबंधित एसडीएम नियमानुसार इसकी जांच कर पाए हैं। हालांकि, मामले में एडीएम स्तर से भी परियोजना निदेशक को चौथा रिमाइंडर जारी हो चुका है। इस मामले में अब 22 सितंबर तक का समय एनएचएआई के तहसीलदार को दिया गया था। लेकिन उसके बावजूद भी सदर तहसीलदार को इस पर कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उप प्रधान अशोक कुमार, राकेश कुमार, चिंता देवी, तहसील श्री नयना देवी जी गांव मेहला के सीता राम, थापना के सुखराम, गांव टाली के महेंद्र सिंह, रत्न लाल, तहसील सदर गांव तुन्नु के सुखराम, गांव पट्टा के सदा राम, तहसील झंडूता गांव धराड़सानी के जगत राम, बलदेव, तहसील घुमारवीं गांव पलथीं के जगदीश राम तथा समिति के महासचिव पूर्व सैनिक मदन लाल ने कहा कि जिला की अन्य तहसीलों में बार-बार बुलाने पर भी एनएचएआई का कोई अधिकारी असल दस्तावेज के साथ कभी हाजिर नहीं हुए। समिति को अंदेशा है कि एनएचएआई के पास फोरलेन से संबंधित असल दस्तावेज नहीं है। ऐसे मेें समिति और प्रशासन दोनों का समय बर्बाद हो रहा है।
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