बिलासपुर। गांव जुरासी का एक प्रतिनिधिमंडल सड़क की समस्या को लेकर समाजसेवी भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में बुधवार को उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने कहा कि जुरासी गांव की आबादी 600 से अधिक है लेकिन सड़क का कार्य पिछले लगभग 8-9 वर्षों से वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र के कारण रुका हुआ है। ग्रामीणों के कई प्रतिनिधिमंडल वन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा जिला प्रशासन से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मिल चुके हैं लेकिन बावजूद इसके यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
19-09-2019 को बचत भवन में आयोजित बैठक में जिलाधीश बिलासपुर की ओर से इन त्रुटियों को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 10 दिन का समय दिया गया था जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों में सड़क को लेकर एक उम्मीद की किरण जगी थी लेकिन इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग ने आज तक त्रुटियों को पूरा नहीं किया।
गांव में सड़क न होने के कारण बहुत से मरीज रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। लोगों के माल मवेशी पगडंडी रास्ते से गिरकर मर गए जिसका विवरण पशु चिकित्सालय में दर्ज है। इस सड़क के लिए 2 करोड़ 35 लाख रुपये बजट का प्रावधान किया गया था और यह सड़क 7 किमी के लगभग बननी थी लेकिन डेढ़ किमी बनने के बाद वन विभाग की एनओसी के नाम पर इसको बंद कर दिया गया। जबकि इसके ऊपर 33 लाख रुपये सरकार का खर्च हो चुका है और पिछले 9 सालों से लोक निर्माण विभाग और वन विभाग इस अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर उचित कार्रवाई नहीं कर पाए हैं जिससे स्थानीय लोगों में रोष का माहौल है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने कहा कि यदि इसके ऊपर जल्द से जल्द कार्रवाई न की गई तो धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुलदीप ठाकुर, प्रधान युवक मंडल धार टटोह, साऊणु राम प्रधान ग्राम विकास समिति जर्सी, संतोष कुमार सचिव ग्राम सुधार समिति जुरासी, चमन लाल फौजी, रामपाल, सुमन कुमार, संजीव कुमार, भूरी सिंह रविंद्र कुमार, देशराज आदि शामिल रहे।