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गरामौड़ा गांव के रास्ते को क्षति पहुंचाने पर भड़के ग्रामीण

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गरामौड़ा में रास्ते और सडक तहस-नहस होने के बाद एकत्रित हुए ग्रामीण। - फोटो : BILASPUR
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स्वारघाट(बिलासपुर)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने उपमंडल स्वारघाट की ग्राम पंचायत री के गांव गरा को आने-जाने वाले रास्तों और सड़क को तहस-नहस कर दिया है। इसके चलते ग्रामीणों, खास तौर पर स्कूली बच्चों को आने जाने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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उल्लेखनीय है कि फोरलेन की कटिंग के दौरान गांव, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, राशन डिपो और सरकारी खाद स्टोर को आने जाने वाले दो पक्के रास्तों और सड़क को खराब कर दिया है। इस कारण गरा गांव की 300 के करीब आबादी को घर आने जाने, राशन डिपो से राशन लेने के लिए आने जाने वाले ग्रामीणों, विशेषकर राजकीय प्राथमिक व उच्च पाठशाला गरामौड़ा में पढ़ने वाले करीब 100 बच्चों को पिछले दो सप्ताह से भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
सोमवार को गरा गांव के ग्रामीणों की मौजूदगी में ग्राम पंचायत री की प्रधान कल्पना शर्मा, वार्ड पंच कमलेश कुमारी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगों की समस्या को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय तो स्थिति और ज्यादा बदतर हो जाती है। फोरलेन कंपनी सड़क निर्माण के लिए खुदाई का कार्य कर रही है। वह काफी गहरी हो चुकी है जिसके चलते स्कूली बच्चों को हाथ पकड़ कर या गोदी में उठाकर यहां से पार करवाना पड़ता है।
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प्रधान कल्पना शर्मा ने बताया कि पंचायत द्वारा दोनों रास्तों को पक्का किया गया था। वहीं सड़क में भी गटका डाला हुआ था। फोरलेन कंपनी की ओर से दोनों रास्तों और सड़क को तहस-नहस कर दिया है। प्रधान ने बताया कि पहले भी कंपनी को बोला गया था और कंपनी ने अस्थायी रूप से रास्ता निकाल दिया था लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से कंपनी ने रास्तों के दोनों तरफ खाई डाल दी है जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने जाने में भारी दिक्कत आ रही है।
प्रधान कल्पना शर्मा ने एसडीएम स्वारघाट को भी दूरभाष के माध्यम से इस बारे में सूचित किया है और उन्होंने शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन दिया है। कंपनी के अधिकारी रास्तों और सड़क को ठीक करने से इनकार कर रहे हैं। पंचायत प्रधान कल्पना शर्मा और ग्रामीणों ने कंपनी को दो टूक चेतावनी दी है कि उपरोक्त रास्ते और सड़क को दुरुस्त करें, नहीं तो ग्रामीण संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।
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