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उपायुक्त के आदेशों को कमेटी ने किया अनदेखा

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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक प्रस्तावित फोरलेन रूट को एनएचएआई की ओर से भारत सरकार की अनुमति के बिना बदले गए रूट पर दिए गए उपायुक्त के आदेशों को कमेटी ने अनदेखा कर दिया है। उपायुक्त ने उक्त संदर्भ में चारों तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने के आदेश दिए थे और जहां-जहां रूट बदले गए थे वहां एक माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था। चार महीने बीतने के बाद भी किसी भी तहसील से कोई भी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इसके कारण समिति को एनजीटी में जाने के लिए देर हो रही है।
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उल्लेखनीय है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने जनवरी माह में भारत सरकार जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देहरादून को शिकायत दर्ज करवाई थी कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के प्रस्तावित रूट को अपनी सुविधा केे अनुसार भारत सरकार की अनुमति के बिना ही बदल दिया गया है। इस पर उक्त मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। वहां से उक्त शिकायत जिला वन अधिकारी के पास पहुंची जिस पर कार्रवाई करते हुए जिला वन अधिकारी ने उपायुक्त बिलासपुर को पत्र लिख कर रूट की जांच के लिए सहयोग की मांग की। उपायुक्त जिला बिलासपुर ने सभी तहसीलों के उपमंडलाधिकारियों को एक कमेटी गठित करके एक माह के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा था लेकिन चार माह बीत जाने पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
फोरलेन समिति के उपप्रधान अशोक कुमार, राकेश कुमार, चिंता देवी, सीता राम, जगत राम, बलदेव, जगदीश राम, समिति महासचिव मदन लाल ने कहा है कि बड़े स्तर पर बदले गए रूट जिसमें डडनाल जंगल, थापना, सुन्नण, जगातखाना, तुन्नु, पट्टा, ढल्यार, मंडी भराड़ी, कोठी, बैहलग, कल्लर, पलथीं, भगेड़, छत्त, बैहना जट्टां, बागठेहड़ू, रोहिण, मल्यावर, पनोह आदि स्थानों पर बदलाव किया गया है जिसकी कमेटियां जान बूझ कर समयानुसार रिपोर्ट तैयार नहीं कर रही हैं। उक्त लोगों ने जिलाधीश से उचित कार्रवाई की मांग की है।
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