-मरीजों को सड़क तक पहुंचाने के लिए तीन किलोमीटर तक चलना पड़ रहा पैदल
-विभाग ने चार माह पूर्व भेजा है सड़क प्राकलन, अभी तक नहीं हुआ स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के गांव री के 42 परिवार बाढ़ आने के चार माह बाद भी सड़क सुविधा से कटे हैं। गांव में मरीजों को सड़क तक पहुंचाने के लिए तीन किलोमीटर तक चलना पड़ता है। विभाग ने चार माह पूर्व इस सड़क के निर्माण के लिए 80 लाख का प्राक्कलन भेजा है जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है।
सड़क न होने से ग्रामीण चिकित्सा और शैक्षणिक सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करने के बाद वह खुद को बाहरी दुनिया से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं। बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़क के चार माह बाद भी उनको अस्थायी रूप से सड़क से न जोड़ पाना सरकार और विभाग की नाकामी को दर्शा रहा है। सड़क न होने के कारण एंबुलेंस और अन्य वाहन इस गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोग अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को अपने कंधों पर लेकर जा रहे हैं। सीर खड्ड के तेज बहाव के कारण सड़क सुविधा से कट चुके री गांव में उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चार माह बीत जाने के बावजूद सरकार ने सड़क को बहाल करने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीण शमशेर सिंह, रणजीत सिंह, किशोरी लाल, गोपाल सिंह, जंग बहादुर, दीनानाथ, ओंकार सिंह, शुरम सिंह, तिलक राज, मिल्खी राम, बलवीर सिंह, अजय सिंह, बलदेव सिंह, सुखदेव, विनोद, शेर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि चार माह पहले सीर खड्ड के उफान पर आने के कारण री गांव को जाने वाली सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि इस कारण ग्रामीणों का संपर्क अन्य जगह से टूट चुका है। उनको आने-जाने की कोई भी सुविधा नहीं है। बताया कि इतनी बड़ी त्रासदी के चलते उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। वैकल्पिक मार्ग तक नहीं निकाला गया है। बीमारी की हालत में मरीजों को लगभग तीन किलोमीटर कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी बरसात के मौसम में सड़क का एक हिस्सा बह गया था। सरकार से सड़क को बचाने के लिए डंगा लगाने की मांग की थी। लेकिन किसी ने भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा गांव के 42 परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार व विभाग गत वर्ष ही सड़क को बचाने के लिए डंगा लगा देते तो यह दिन देखना नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि डंगा न लगने की वजह से खड्ड में आई बाढ़ के कारण बची हुई सड़क भी पूरी तरह से पानी में समा गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इसके लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी, इसके बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। उधर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरजीत कैंथ ने बताया कि उनके पास मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से शिकायत पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से जमीन देने के लिए बात की, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पुराने रास्ते से ही सड़क निकाली जाए। इसके लिए उन्होंने विभाग को 80 लाख का प्राक्कलन तैयार कर भेज दिया है। जैसे ही यह स्वीकृत होता है सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।