चुनाव के नियमित करने का किया था वादा
सत्ता में आने के बाद सरकार ने की मांगों की अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के 20,000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों ने राज्य सरकार से उन्हें नियमित कर उचित वेतन देने, नौकरी की सुरक्षा की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि चुनावी वादों के बावजूद अब तक उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे उनकी हालत और भी खराब हो गई है।
जिला कोषागार के कर्मचारी एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष यूनुस अख्तर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों से ज्यादा काम करना पड़ता है। उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो आउटसोर्स कर्मचारियों में आत्महत्या के मामले बढ़ सकते हैं।
आउटसोर्स कर्मचारी नीलकंठ और सेलेश गौतम ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन और सरकारी कर्मचारियों के समान अवकाश होने चाहिए। 20 वर्ष की सेवा के बाद भी उनका वेतन चौकीदार से भी कम है। चुनाव के समय नेताओं ने उन्हें नियमित करने का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद सरकार ने उनकी मांगों की अनदेखी कर दी है। उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही काम की सुरक्षा।
परिवहन विभाग में कार्यरत मनु कुमारी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि आउटसोर्सिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में अन्य कर्मचारियों को इसी तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।