ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल से होगा पंजीकरण, 250 रुपये शुल्क तय
समयसीमा में पंजीकरण न कराने पर दो हजार तक जुर्माने का प्रावधान
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं ने शहर में बढ़ती सुरक्षा व स्वच्छता संबंधी चिंताओं को देखते हुए पालतू कुत्तों के पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले सभी पालतू कुत्तों का अब पंजीकरण करवाना जरूरी होगा। इसके लिए परिषद ने ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा शुरू की है, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
नगर परिषद की ओर से जारी आदेशों के अनुसार पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए 250 रुपये की एकमुश्त फीस निर्धारित की गई है। यह शुल्क केवल एक बार लिया जाएगा। वहीं, तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण न करवाने पर दो हजार रुपये तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान भी रखा गया है। नगर परिषद के अनुसार पंजीकरण का मुख्य उद्देश्य शहर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। परिषद द्वारा कराए गए सर्वे में घुमारवीं क्षेत्र में करीब 350 लावारिस कुत्ते और लगभग 150 बिल्लियां पाई गई हैं, जिनका रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
लावारिस कुत्तों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद का मानना है कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण होने से उनकी पहचान सुनिश्चित होगी और टीकाकरण व देखभाल की निगरानी आसान होगी, जिससे उन्हें भविष्य में आवारा बनने से रोका जा सकेगा। इसके साथ ही नगर परिषद पशुपालन विभाग के सहयोग से बड़े स्तर पर नसबंदी अभियान चलाने की योजना भी बना रही है। परिषद का कहना है कि नसबंदी लावारिस कुत्तों की आबादी को मानवीय तरीके से नियंत्रित करने का प्रभावी उपाय है। नगर परिषद की अध्यक्ष रीता सहगल ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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