मजारी स्कूल में आयोजित सुखमणि साहिब के पाठ में मौजूद स्टाफ। स्रोत: स्कूल प्रबंधन
मजारी स्कूल में एसएमसी ने किया आयोजन, शिक्षकों और अभिभावकों ने नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मजारी में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की ओर से विद्यालय की उन्नति और विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना के लिए सुखमणि साहिब का पाठ करवाया गया। विद्यालय की अध्यापिका हरप्रीत कौर ने विधि-विधान से पाठ संपन्न करवाया। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
अभिभावकों ने कहा कि मोबाइल के बढ़ते प्रचलन और संयुक्त परिवार व्यवस्था कमजोर होने से आपसी जुड़ाव कम हो रहा है। भौतिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक उन्नति और नैतिक मूल्यों को महत्व देना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा देकर अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। एसएमसी प्रधान गुरमेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से परिचित करवाना जरूरी है। संस्कारवान विद्यार्थी अपने जीवन के प्रति जिम्मेदार होने के साथ देश और समाज के हितों का भी ध्यान रखते हैं। ऐसे विद्यार्थी स्वस्थ और सभ्य समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्य सुरजीत ठाकुर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण करना भी है।
इस अवसर पर एसएमसी के पूर्व प्रधान सोहन सिंह, स्कूल एडॉप्शन समिति से गुरचैन सिंह, सूबेदार दिलबाग सिंह, उपप्रधानाचार्य नीलम धीमान, प्रवक्ता अनुराधा शर्मा, हरप्रीत कौर, सतनाम कौर सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।