रानीकोटला आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला। संवाद
डॉक्टर शिमला में प्रतिनियुक्त, फार्मासिस्ट का तबादला
चार पंचायतों की 15 हजार की आबादी स्वास्थ्य केंद्र पर है निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। उपमंडल सदर की ग्राम पंचायत रानीकोटला स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले करीब 15 दिन से ताला लटका हुआ है। केंद्र में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत कर्मचारी की पदोन्नति हुई है, जिसके बाद अब केंद्र बंद पड़ा है। वहीं यहां तैनात डॉक्टर शिमला में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रही हैं। इससे क्षेत्र की करीब 15 हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है।
रानीकोटला, सायर डोभा, भोली, साईं खारसी और पोली पंचायतों के ग्रामीण लंबे समय से इस केंद्र पर निर्भर हैं। लोगों को आयुर्वेदिक उपचार के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा यहीं से मिलती थी। अब केंद्र बंद होने से ग्रामीणों को मामूली बीमारियों के लिए मार्कंड या मुख्यालय तक का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इसे लेकर आवाज उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुर्वेद विभाग को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र की बड़ी आबादी पूरी तरह इस केंद्र पर निर्भर है। रानीकोटला पंचायत प्रधान परसराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से बातचीत की है और आग्रह किया है कि जल्द से जल्द रानीकोटला आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की नियुक्ति की जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की मूलभूत जरूरत हैं और इस तरह लंबे समय तक केंद्र का बंद रहना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। पिछले दो साल से यहां तैनात डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर शिमला में सेवाएं दे रही हैं। फार्मासिस्ट के सहारे केंद्र चल रहा था। लेकिन अब वह भी यहां से जा चुके हैं। शीघ्र यहां पर चिकित्सक की नियुक्ति की जानी चाहिए।