बिलासपुर में बाल रामलीला के समापन पर उपस्थित कलाकार व हिंदू मुस्लिम समुदाय के लोग । जागरूक पाठक
अंतिम दिन रावण वध और राम के राज्याभिषेक के दिखाए दृश्य
समिति ने आयोजन में सहयोग देने वाले दोनों लोगों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के रौड़ा सेक्टर में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की प्रतीक बाल रामलीला का समापन हो गया। अंतिम दिन रावण वध, राज्याभिषेक सहित अन्य दृश्य दिखाए गए। अंतिम दिन आयोजन समिति की ओर से रामलीला में सहयोग देने वाले दोनों समुदाय के लोगों को सम्मानित किया गया।
यह राम लीला डेढ़ दशक से चली आ रही है। धार्मिक समागम में दोनों समुदाय के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। रामलीला का शुभारंभ स्व. अमित कुमार शर्मा चिंपू ने किया था। उनकी दुकान इसी स्थान पर है और मुस्लिम बहुल का मोहल्ला होने के कारण उनकी अधिकांश दैनिक उठ-बैठ यहीं थी। रामलीला शुरू करने में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमित कुमार का सहयोग किया जो आज भी जारी है। राम लीला इस बार 15वें साल में प्रवेश कर गई है। रामलीला कमेटी के प्रधान स्व.अमित कुमार के छोटे भाई सुमित कुमार हैं। मंचन की तैयारियों से पूर्व धन संग्रह, रिहर्सल करने के लिए दोनों समुदाय के लोग एकजुट होते हैं। जब मंचन होता है तो योग्यता अनुसार पात्र वितरण किया जाता है। प्रधान सुमित शर्मा ने बताया कि लोग यथासंभव योगदान देते हैं। समापन अवसर पर सुमित शर्मा ने सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर शेखर अली, हाजी अब्दुल रज्जाक, मोहम्मद ताहिर, ताहिब खान, आसिम, परवेज अख्तर, प्यारे लाल, संजय शर्मा, चंद्रशेखर, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।