पूर्व मंत्री बोले, खनन प्रभावित क्षेत्रों को नहीं मिल रहा लाभ, मुख्यमंत्री से जांच और हस्तक्षेप की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने माइनिंग फंड के उपयोग और श्री नयना देवी मंदिर ट्रस्ट में धन वितरण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच करवाने और मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में रामलाल ठाकुर ने कहा कि जिले में खनन गतिविधियों से प्राप्त होने वाली राशि का लाभ प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पहले खनन से मिलने वाली राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय विकास कार्यों के लिए निर्धारित था, जिसे बाद में घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया। उनका आरोप है कि बिलासपुर जिला खनन का प्रभाव झेल रहा है, लेकिन उससे संबंधित धनराशि का बड़ा हिस्सा अन्य जिलों को जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसीसी बरमाणा के अलावा जेपी उद्योग से जुड़ी खनन गतिविधियों का असर भी बिलासपुर की पंचायतों पर पड़ता है, लेकिन उससे संबंधित राशि सोलन प्रशासन के पास पहुंच रही है। इसके चलते प्रभावित क्षेत्रों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने माइनिंग फंड से चार महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित धनराशि का उपयोग अधिकारियों की सुविधाओं पर क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रामलाल ठाकुर ने श्री नयना देवी मंदिर ट्रस्ट में धन वितरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य मंदिर ट्रस्टों में संबंधित अधिनियम के तहत लाभार्थियों को धनराशि का वितरण किया जा रहा है, लेकिन नयना देवी मंदिर ट्रस्ट में यह प्रक्रिया वर्षों से लंबित है। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई 2014 के आदेश के तहत धनराशि के बंटवारे का प्रावधान किया गया था, लेकिन 2015 से लेकर 2026 तक संबंधित राशि ट्रस्ट के पास जमा है और पात्र पुजारियों को उनका हिस्सा नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि अब मामले में कोई स्थगन आदेश भी प्रभावी नहीं है, इसके बावजूद आदेशों को लागू नहीं किया जा रहा। रामलाल ठाकुर ने कहा कि फंड और मंदिर ट्रस्ट, दोनों मामलों में प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता संदीप सांख्यान भी मौजूद रहे।