बिलासपुर और सोलन की सीमा पर सटी पंचायत बेरल में आज भी हजारों लोग मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। हालत ऐसी है कि लोगों को पानी की उचित आपूर्ति न होने के कारण आज भी बारिश के पानी से गुजारा करना पड़ रहा है।
पंचायत के बीडीसी सुरेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण बारिश का पानी जमाकर उसे ही पशुओं और खुद के पीने के लिए मजबूरी में इस्तेमाल करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि बेरल पंचायत में हजारों की आबादी है। मगर यहां के लिए मात्र एक ही पेयजल योजना है।
इस वजह से लोगों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जाती है। वह भी इतनी कम मात्रा में कि उससे घर के दिनचर्या के कार्य निपटाना मुश्किल हो जाता है। आईपीएच विभाग का कहना है कि पेयजल योजना इतनी पुरानी हो चुकी है कि उससे काफी कम मात्रा में पानी उठाया जाता है। इससे हजारों लोगों पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया करवाना मुश्किल है।
जल्द उठाऊ पेयजल योजना होगी शुरू : आईपीएच बेरल के कनिष्ठ अभियंता ओम प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया लोगों की इसी समस्या को देखते हुए एक छोटी उठाऊ पेयजल योजना जल्द ही शुरू की जा रही है। बेरल पंचायत के दो गांव सिंघारली और राउपा बेरल को इस योजना का लाभ मिलेगा।
ओम प्रकाश ने बताया कि बेरल पंचायत में पानी की समस्या का निवारण करने के लिए विभाग एक और पेयजल योजना के लिए प्लान तैयार कर रहा है। इससे क्षेत्र में पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इस योजना से पंचायत के छह गांवों को लाभ मिलेगा।