-भवन के अभाव में विश्राम गृह में चलाया जा रहा है विभाग का कार्यालय
-एक करोड़ की लागत से तैयार हो रहे भवन की साल के अंत तक सुविधा मिलने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। लोक निर्माण विभाग झंडूता के मंडलीय कार्यालय को करीब पांच साल बाद भी अपना भवन नहीं मिला है। लेकिन इस वर्ष के अंत तक इसका काम पूरा होने की संभावना है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग का कार्यालय विश्राम गृह झंडूता में ही चल रहा है। डिवीजन का भवन न होने के कारण कार्यालय के कर्मचारियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ती है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल के प्रयास से पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 2020 में झंडूता को लोक निर्माण विभाग डिविजन का दर्जा दिया था। उसके बाद से डिवीजन का कार्यालय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में ही चला हुआ है। वहीं झंडूता में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के कार्यालय सहित कोर्ट, विकास खंड कार्यालय पुलिस थाना सहित अन्य बड़े विभागों के कार्यालय हैं। झंडूता विश्राम गृह में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा राजनीतिक पार्टियों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही अन्य लोगों का भी आना जाना रहता है। हैरान करने वाली बात है कि जो कमरे लोगों की सुविधाओं के लिए पर्याप्त हैं। उन कमरों में मजबूरन कार्यालय के कर्मचारी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जो लोग विश्राम गृह में ठहरने के लिए यहां आते हैं वो कमरे उपलब्ध न होने से परेशान होते हैं। ज्यादा समस्या विश्राम गृह में रात्रि ठहरने वाले लोगों को झेलनी पड़ती है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके चौहान ने बताया कि झंडूता में जब से डिवीजन का कार्यालय खुला है। भवन न होने के कारण कर्मचारियों का कार्य विश्राम गृह में ही चल रहा है। करीब एक करोड़ की लागत से चार कमरों का दो मंजिला भवन का कार्य प्रगति पर है। इसी वर्ष के अंत तक भवन का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। जिसके बाद कार्यालय को विभाग के भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।