बिलासपुर (रामपुर)। मंडी समिति में स्थापित सभी दस क्रय केंद्रों ने 21 दिनों में 43400 क्विंटल गेहूं की खरीद कर ली है। मगर, क्रय केंद्रों से गेहूं का पूरा उठान न होने के कारण केंद्रों पर गेहूं के ढेर लग गए हैं। टीनशेड फुल होने के कारण गेहूं खुले आसमान के नीचे खुुलेआम पड़ा है। मौसम खराब होने के कारण अगर बारिश आ गई तो गेहूं का बचाव करना मुश्किल हो सकता है। मंडी समिति ने बुधवार की शाम से गेहूं का उठान न होने और ठेकेदार के अभाव में गेहूं की खरीद बंद कर दी है।
स्थानीय नवीन मंडी में गेहूं खरीद के लिए शासन प्रशासन ने मंडी समिति, एसएमआई, पीसीयू, यूपीएसएस, पीसीएफ, एसएफसी के दस केंद्र स्थापित किए हैं, जहां एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की जा रही है। मंडी सचिव उदयवीर सिंह ने बताया कि अब तक सभी केंद्रों पर किसानों से 43 हजार चार सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। ठेकेदारों द्वारा गेहूं का क्रय केंद्रों से उठान बेहद धीमी गति से किया जा रहा है, इससे सभी केंद्रों पर गेहूं के ढेर भारी मात्रा में लग गए हैं। मंडी का टिनशेड भी भर गया हे। ऐसे में गेेेहूं को बाहर रोड पर लगाया जा रहा है। उनका कहा है कि उन्होंने एडीएम को बुधवार को रिपोर्ट भेजी है कि उन्होंने मंडी के अपने केंद्र पर किसानों से 46 सौ क्विंटल गेेहूं खरीदा है और किसानों को करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। उनके केंद्र का विभाग ने अभी तक गेहूं उठान का ठेका ही नहीं किया है। ठेकेदार न होने के कारण वह गेहूं को कहां भेजे। उनके अनुरोध पर एडीएम ने गेहूं उठान की व्यवस्था न होने तक केवल मंडी के केंद्र पर खरीद बंद करने को कहा है और डिप्टी आरएमओ अनुपम निगम और एआर कोआपरेटिव को ठेकेदार की व्यवस्था करने और एएफसी के गोदाम पर रहकर गेहूं का उतार कराने के भी निर्देश दिए हैं। एडीएम के आदेश पर दोनों अधिकारियों ने एसएफसी के स्थानीय कार्यालय पहुंचकर गोदाम प्रभारी से वार्ता भी की है। सचिव का कहना है कि संभावना है कि शीघ्र ही गेहूं का उठान होना शुरु हो जाएगा, ऐसे में खुले में आसमान के नीचे पड़ा गेहूं सुरक्षित गोदाम में पहुंच जाएगा और सभी केंद्र प्रभारी तेजी के साथ गेहूं की खरीद शुरूकर देंगे। किसानों का कहना है कि जगह न मिलने के कारण उनका गेहूं तौल होने के लिए खुले आसमान के नीचे पड़ा है, बारिश आने पर उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।