पिछले पांच-छह महीने से वेतन न मिलने के कारण भड़के आईपीएच विभाग के कॉंट्रेक्ट वर्कर्स ने शनिवार को जिला मुख्यालय आईपीएच विभाग कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारियों ने इस मौके पर मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की। पंप ऑपरेटरों ने मजदूर एकता जिंदाबाद और हमारी मांगें पूरी करो आदि नारे लगाकर विभाग के प्रति अपना रोष प्रकट किया।
वर्कर्स यूनियन के प्रधान संजीव कुमार और महासचिव कृष्ण चंद शर्मा ने बताया आईपीएच विभाग में ठेकेदारों के पास पेयजल योजनाओं में कार्यरत पंप ऑपरेटर्स और दूसरे कामगारों को जनवरी से लेकर आज तक वेतन नहीं दिया गया है।
इस कारण वर्करों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डिविजन में कार्यरत मजदूरों को वेतन का भुगतान न करने सहित कर्मचारियों के पीएफ का मामला भी काफी गंभीर है। कामगारों को ठेकेदारों ने जो पीएफ नंबर दिए हैं, वह पीएफ वेबसाइट पर नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का मामला भी विभाग के पास लंबित पड़ा है।
कामगारों से कुशल श्रमिकों का कार्य करवाया जा रहा है, लेकिन वेतन और पगार उनको अकुशल श्रमिक की दी जा रही है। जोकि गलत ही नहीं, बल्कि कानून की नजर में एक अपराध भी है।
उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर डिविजन में कार्यरत सभी कॉंट्रेक्ट वर्कर दो बार उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके विभाग और ठेकेदारों ने समस्याओं का हल नहीं निकाला है। बार-बार मांग उठाने के बाद भी कोई हल न निकलने के कारण कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक समस्या हल नहीं हो जाती। इस दौरान सलाहकार भगत सिंह वर्मा ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर बाबू राम, जावेद अख्तर, चेतन चौधरी, सुरेंद्र, अजय, सुशील और अमरीक सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।