फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: बिलासपुर अस्पताल में दो साल बाद मनोचिकित्सक की सेवाएं फिर शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. आयुष शर्मा ने संभाला कार्यभार, मरीजों को मिली राहत
विज्ञापन

नशे की लत से बचने, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं युवा : डॉक्टर आयुष

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल में दो वर्ष बाद आखिरकार मनोचिकित्सक की सेवाएं मिलनी शुरू हो गई हैं। अब जिले के मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य के इलाज के लिए एम्स या अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। बुधवार को डॉ. आयुष शर्मा ने बतौर मनोचिकित्सक पदभार संभाला और 20 के करीब ओपीडी रही।
विज्ञापन

डॉ. आयुष शर्मा बिलासपुर शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के स्थायी निवासी हैं। उन्होंने अपनी मनोचिकित्सा की पढ़ाई पीजीआई से पूरी की है और आईजीएमसी शिमला सहित मंडी, करसोग, झंडूता में सेवाएं दे चुके हैं। अब वे अपने गृह जिले में सेवाएं देकर मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से निजात दिलाने का प्रयास करेंगे। पिछले दो साल से बिलासपुर अस्पताल में मनोचिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को एम्स बिलासपुर, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, मंडी और अन्य जिलों का रुख करना पड़ रहा था। इस स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब मनोचिकित्सक की सेवाओं के फिर से शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। मनोचिकित्सक डॉ. आयुष शर्मा ने नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें। युवाओं को आगाह किया कि नशे की लत से बचने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए जागरुकता बेहद जरूरी है। नशे को गंभीर समस्या बताया और इसे छोड़ने के लिए चिकित्सा मार्गदर्शन लेने पर जोर दिया। दो साल पहले अस्पताल में डॉ. महेंद्र बतौर मनोचिकित्सक सेवाएं दे रहे थे, लेकिन उनके तबादले के बाद से यह सेवा बंद हो गई थी। अब डॉ. आयुष शर्मा के पदभार संभालने से मरीजों को मनोचिकित्सक ओपीडी का लाभ फिर से मिलना शुरू हो गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह ने बताया कि अब अस्पताल में मनोचिकित्सक ओपीडी नियमित रूप से जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें