संघ का कहना, शिक्षकों में भेदभाव बर्दाश्त नहीं करेगा संघ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ की बिलासपुर इकाई ने शिक्षा विभाग में 130 विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध करने और इसके तहत शिक्षकों के लिए अलग सब-कैडर बनाने के प्रस्ताव पर कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने इस कदम को शिक्षकों के बीच भेदभाव पैदा करने वाला और सेवा नियमों के विपरीत करार दिया है।
संघ के अध्यक्ष नरेश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलवंत ठाकुर, महासचिव सुशील चंदेल, मुख्य कानूनी सलाहकार संजीव कौशल और वित्त सचिव विकास चौहान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि विभाग को बांटने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानाचार्य और प्रवक्ता वर्ग का अलग कैडर किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि सभी शिक्षक एक ही चयन प्रक्रिया से आए हैं। प्रवक्ता संघ ने मांग की है कि सीबीएसई स्कूलों में तैनात शिक्षकों का कार्यकाल भी अन्य सरकारी विद्यालयों की तरह अधिकतम तीन वर्ष तय किया जाए और सीबीएसई व और एचपी बोर्ड स्कूलों के बीच स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत हो। संघ ने कहा कि वर्तमान में सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जा रहा है, केवल परीक्षा पद्धति में अंतर है, ऐसे में अलग कैडर बनाने का कोई औचित्य नहीं बनता। संघ ने एचपी बोर्ड स्कूलों में लंबे समय से रिक्त पड़े प्रवक्ता पदों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया। साथ ही फरवरी में प्रस्तावित छंटनी परीक्षा को प्रवक्ताओं के आत्मसम्मान के खिलाफ बताया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।