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Bilaspur News: बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए अब 31 अगस्त तक जमा कर सकेंगे प्रोजेक्ट

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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में छठी से 12वीं तक के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग
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विज्ञान और नवाचार से टिकाऊ विकास पर रहेगा फोकस
जिले के 33 स्कूलों ने ही अब तक जमा करवाई है रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) ने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी 31 अगस्त तक पंजीकरण कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा कर सकेंगे। पहले अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई थी। जिले में अब तक 33 स्कूलों के 90 विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा की है। कई विद्यार्थियों के आवेदन नहीं कर पाने के कारण समय सीमा बढ़ाई गई है। इच्छुक बाल वैज्ञानिक और मार्गदर्शक शिक्षक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।प्रतियोगिता में सरकारी और निजी स्कूलों की छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। चयन स्कूल, खंड, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर होगा। विद्यार्थियों को 10 से 14 वर्ष और 14 से 17 वर्ष के दो आयु वर्गों में रखा गया है। आयु की गणना 31 दिसंबर 2026 के आधार पर होगी। दिव्यांग बच्चों के लिए आयु सीमा निर्धारित नहीं है। आमतौर पर छठी से नौवीं कक्षा के विद्यार्थी जूनियर और दसवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी सीनियर वर्ग में शामिल होंगे। प्रोजेक्ट दो विद्यार्थियों की टीम प्रस्तुत कर सकेगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध की संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर उपयोगी मॉडल तैयार कर सकें। आयोजन या शैक्षणिक समितियों में पदस्थ अभिभावकों के बच्चों के प्रोजेक्ट अयोग्य माने जा सकते हैं। वहीं एक बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर एक ही आयु वर्ग में केवल एक बार ग्रुप लीडर बन सकता है।
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पांच उप-थीम पर तैयार करने होंगे प्रोजेक्ट
इस वर्ष प्रतियोगिता की मुख्य थीम स्थिरता के लिए विज्ञान और नवाचार है। इसे पांच उप थीम में बांटा गया है। इनमें कचरा प्रबंधन के लिए आर-5, ऊर्जा के लिए ई-4, पानी का संरक्षण, भोजन-कृषि-स्वास्थ्य और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से टिकाऊ विकास शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की वैज्ञानिक पड़ताल कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
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