प्रशिक्षण के दूसरे दिन बाल संस्कारों पर हुआ मंथन, योग और वंदना से हुई शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। सदर विधानसभा के चमलोग में विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मातृशक्ति अभ्यास वर्ग का दूसरा दिन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के संस्कारों के नाम रहा। प्रांत भर से जुटी मातृशक्ति ने योग साधना के साथ ही अपने गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को संस्कारित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 5:00 बजे जागरण के साथ हुई। 6:00 बजे देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और प्रकृति की वंदना की गई। इसके उपरांत योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र में बहनों ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का पाठ पढ़ा। गीत सत्र के दौरान हिंदू नारी वीर बन के ओजस्वी स्वरों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया। इसके साथ ही संगठन की आचार पद्धति का भी अभ्यास कराया गया। पूर्वाह्न 11:00 बजे बौद्धिक सत्र में प्रांत के सम्मानित उपाध्यक्ष रमेश परमार ने हमारा गौरवशाली इतिहास विषय पर अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए इतिहास की जानकारी होना अनिवार्य है, क्योंकि हमारा अतीत ही हमें भविष्य निर्माण की प्रेरणा देता है। इस सत्र में प्रांत सह धर्म प्रसार प्रमुख शक्ति सिंह ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। क्षेत्रीय मातृशक्ति संयोजिका वीना शर्मा ने बहनों के साथ चर्चा सत्र में संगठन के वार्षिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन किया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को धरातल पर सक्रिय होकर राष्ट्र सेवा के कार्यों को गति देनी होगी। कृति सत्र में बाल संस्कार केंद्र विषय पर विशेष जोर दिया गया। वर्तमान परिवारों में बच्चों के बीच घटते नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर चिंता जताते हुए इसे एक बड़ी चुनौती बताया गया। वर्तमान में प्रांत में 13 बाल संस्कार केंद्र संचालित हैं। हर रविवार को बच्चों को एकत्र कर उन्हें देशभक्ति गीत, महापुरुषों की वीर गाथाएं और प्रेरणादायक कहानियां सुनाई जाती हैं। खेलकूद के माध्यम से बच्चों का शारीरिक विकास करना और उन्हें भारतीय संस्कृति के गौरव से परिचित कराना इसका उद्देश्य है।