भराड़ी अजमेर उत्सव में नशे के खिलाफ लोगों को किया जागरूकता
केमिस्टों से अवैध दवाओं की बिक्री रोकने और युवाओं को बचाने की अपील
ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौतम ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में चेताया
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। अजमेर उत्सव भराड़ी में नशे के बढ़ते खतरे को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ड्रग इंस्पेक्टर घुमारवीं दिनेश गौतम मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि केमिस्ट एसोसिएशन के जिला महासचिव अरविंद महाजन विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
अजमेर उत्सव के अध्यक्ष करतार चौधरी ने ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौतम को समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृतिचिह्न, शॉल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया। दिनेश गौतम ने ड्रग्स एडिक्शन को साइलेंट एपिडेमिक बताते हुए विशेष रूप से चिट्टा जैसे खतरनाक सिंथेटिक नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नशा इतना घातक है कि एक बार इसकी गिरफ्त में आने के बाद व्यक्ति का जीवन पूरी तरह बर्बाद हो जाता है और ऐसे मामलों में औसतन आयु 10 से 12 वर्ष से अधिक नहीं रह पाती। बताया कि चिट्टा एक सिंथेटिक ड्रग है, जो जहरीले रासायनिक मिश्रण से तैयार किया जाता है और सीधे मस्तिष्क व नसों पर प्रभाव डालता है। इससे व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर होकर पूरी तरह खोखला हो जाता है। युवाओं को सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि नशे की एक बार की शुरुआत भी जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। साथ ही अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर सतर्क रहें और अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र के केमिस्टों से नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय पर्ची के नशीली दवाओं की बिक्री न की जाए और युवाओं को बिना पर्ची के सिरिंज उपलब्ध न कराई जाए, ताकि इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।