अदालत में पेश न होने पर जारी हुआ था गैर जमानती वारंट, आरोपी ने कुंभ मेले में गुरु के साथ होने की दी दलील
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनडीपीएस मामले में अदालत में पेश न होने पर उद्घोषित अपराधी घोषित किए गए एक साधु को विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर की अदालत ने जमानत दे दी है। आरोपी ने अदालत में बताया कि संबंधित अवधि में वह प्रयागराज में कुंभ मेले में अपने गुरु के साथ था। साधु जीवन की परिस्थितियों के कारण उसे मोबाइल फोन या अधिवक्ता के माध्यम से अदालत की तारीखों की जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस ने आरोपी को 24 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में था। मामला बरमाणा थाना में 28 अक्तूबर 2020 को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 18, 22 और 29 के तहत दर्ज हुआ था। आरोपी पहले से जमानत पर था। 19 मार्च 2025 को अदालत में पेश न होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए। लगातार गैरहाजिरी के चलते 28 अप्रैल 2026 को उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया।
अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पहले भी जमानत पर रहते हुए अदालत में पेश नहीं हुआ था। हालांकि, अदालत ने कुंभ मेले में होने के आरोपी के स्पष्टीकरण पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया। न्यायालय ने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि आरोपी अब अदालत के समक्ष है और नियमित रूप से कार्यवाही में शामिल होने का आश्वासन दे रहा है। पिछली गैरहाजिरी को देखते हुए उसे एक अवसर दिया जा सकता है।
अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए। उसे हर सुनवाई पर उपस्थित रहना होगा और विदेश जाने के लिए अदालत की अनुमति लेनी होगी। गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ पर भी रोक रहेगी। दोबारा बिना पर्याप्त कारण गैरहाजिर होने पर अभियोजन जमानत रद्द कराने की मांग कर सकता है।