फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: चिट्टे के मामले में आरोपी की जमानत खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में डिजिटल और वित्तीय लेनदेन का मिला था रिकॉर्ड
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र में 10.40 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर नविश भारद्वाज की अदालत ने एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने माना कि आरोपी से सीधे नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ, लेकिन डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों से उसकी भूमिका को प्रथम दृष्टया नकारा नहीं जा सकता। मामला 25 जुलाई 2026 का है। पुलिस टीम कोल वैली नर्सिंग कॉलेज के पास गश्त और नाका ड्यूटी पर थी। इसी दौरान एक वाहन से बाहर आए सह आरोपी ने सड़क किनारे वस्तु फेंकी। जांच में उसमें 10.40 ग्राम हेरोइन मिली। एसएफएसएल रिपोर्ट में भी डायस्टाइल मॉर्फिन यानी हेरोइन की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि चिट्टा खरीदने के लिए व्हाट्सऐप नंबर पर संपर्क किया गया और भुगतान स्कैनर के जरिये करने को कहा गया। सात और दो हजार रुपये के दो भुगतान किए गए। पुलिस ने मोबाइल, कॉल डिटेल, बैंकिंग और भुगतान रिकॉर्ड खंगाले। इसमें आरोपी की कथित तौर पर भुगतान के लिए इस्तेमाल स्कैनर से कड़ी जुड़ने की बात सामने आई। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 भी जोड़ी गई। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी के कब्जे से कोई बरामदगी नहीं हुई है। वहीं, अभियोजन ने उसे सप्लायर बताते हुए जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि बरामदगी व्यावसायिक मात्रा से कम है, लेकिन इससे जमानत का स्वत: अधिकार नहीं मिलता। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें