बिलासपुर। धार टटोह पंचायत के तहत सोलग जुरासी पेयजल परियोजना से लाभान्वित होने वाले सैकड़ों लोगों को पिछले लगभग 5 हफ्ते से पानी ना मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे कि लोगों को पेयजल को लेकर भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों ने कहा है कि विभाग को सूचित करने के बाद भी लोगों की परेशानी का हल नहीं हुआ है।
युवक मंडल प्रधान कुलदीप ठाकुर ने कहा कि सोलग जुरासी पेयजल परियोजना जिससे धार टटोह पंचायत के नेरी-जाजर नामक स्थान से पानी लिफ्ट करके पनाली, गुणी गिनना तथा जुरासी में बने पानी के टैंकों में पहुंचाया जाता है और उसके बाद द्रोवड़, सोलग, जुरासी और धार टटोह गांव और इनके साथ लगते सैकड़ों परिवारों के हजारों लोगों तक पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन पिछले एक से डेढ़ महीने से इस परियोजना में कुछ तकनीकी खराबी के कारण इन हजारों लोगों को पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के पीने तथा पशु मवेशियों के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। यहां तक कि लोगों को टैंकरों के माध्यम से खरीद कर पानी लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या पालंगरियों में दूरदराज बसे लोगों को आ रही है। ऐसा ही समस्या जुरासी गांव में भी है। थोड़ा बहुत पानी है जिसके लिए लोगों को घंटो कतारों में खड़े रहना पड़ता है।
कुलदीप ने बताया कि लोगों द्वारा जो पानी का भंडारण किया गया था। उसके खत्म होने से अब चिंतित हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर हालत ऐसी ही रही तो उन्हें जीवित रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए 2 से 3 किलोमीटर दूर ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 बाबा कल्याण दास जी के आश्रम में जो पानी का स्रोत है वहां से पानी लाना पड़ेगा। जुरासी गांव के लोगों को सड़क सुविधा न होने के कारण टैंकर सुविधा भी नहीं है। लोगों ने विभाग से आग्रह किया है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीने का पानी उपलब्ध करवाएं तथा इस स्कीम को सुचारू रूप से चलाने की व्यवस्था करें। अगर पीने के पानी की समस्या से निजात नहीं दिलाई गई तो ग्रामीण बच्चों और महिलाओं के साथ खाली मटके लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
बिजली के लो वोल्टेज ने बढ़ाई परेशानी
इस योजना में बिजली की कम बोल्टेज के कारण पंपिंग पूरी नहीं हो पा रही है। अगर कम बोल्टेज में मोटरें ज्यादा देर चलाएंगे तो जल जाएंगी। बिजली की बोल्टेज पूरी होने पर ही इसका समाधान होगा। -अनिल गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता जल शक्ति विभाग