बिलासपुर। कोराना काल ने इस बार यूरिया खाद का संकट पैदा कर किसानों को परेशानी में डाल रखा है। बाहरी राज्यों से सप्लाई चेन धीमी होने की वजह से समय रहते किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही। विडंबना यह है कि सप्लायर के पास उपयुक्त लेबर नहीं है और ऊपर से ट्रांसपोर्टेशन में भी दिक्कत आड़े आ रही है। इस लिहाज से खाद की सप्लाई रफ्तार को गति नहीं मिल पा रही जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खाद के लिए बार बार किसानों को सभाओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, हिमफैड और इफ्को कंपनियों की खाद का स्टॉक अगले तीन चार दिनों में बिलासपुर पहुंचने का दावा किया गया है।
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर जिले में 200 मीट्रिक टन खाद की जरूरत रहती है। किसानों को सभाओं के माध्यम से हिमफैड और इफ्को कंपनियों की खाद उपलब्ध करवाई जाती है। हिमफैड की बात की जाए तो जिले में 6 स्टोर बिलासपुर, घुमारवीं, पड्यालग, कुठेड़ा, गेहड़वीं और गरामोड़ा में बनाए गए हैं जहां बाहर से आने वाली खाद की सप्लाई को स्टोर किया जाता है और इन स्टोरों के माध्यम से आगे सभाओं तक खाद का स्टॉक पहुंचाया जाता है। जब इस बारे हिमफैड के बिलासपुर में कार्यरत एरिया मैनेजर साहिल डोगरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जून माह में सप्लाई शुरू हो गई थी लेकिन लेबर इत्यादि उपलब्ध न होने के चलते सप्लायर को मुश्किलें पेश आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते से सप्लाई शुरू हो गई है और अगले कुछ दिनों में स्टॉफ स्टोरों तक पहुंच जाएगा।
जल्द बिलासपुर पहुंचेगा इफ्को कंपनी की खाद का स्टॉक
जिला में इफको कंपनी की खाद की खरीफ सीजन में 1800 मीट्रिक टन खपत होती है। हालांकि अभी तक सप्लाई धीमी थी, क्योंकि कोरोना संकट की वजह से सप्लायर को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मगर अब धीरे धीरे स्थिति सही आ रही है। अभी तक जिले में 800 से 900 मीट्रिक टन खाद की सप्लाई हो चुकी है, जबकि अगले कुछ दिनों में और स्टॉफ पहुंच जाएगा। इस संदर्भ में बात करने पर मंडी में कार्यरत फील्ड ऑफिसर रोहित गलोरिया ने बताया कि जल्द ही खाद की खेप बिलासपुर पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के लिए चंडीगढ़ और होशियारपुर से इफको खाद की सप्लाई आती है लेकिन कोरोना संकट में कच्चा माल न आने और लेबर दिक्कत की वजह से समस्या पैदा हुई।