प्री प्राइमरी से पांचवीं तक 32 बच्चे कर रहे शिक्षा ग्रहण
बीएलओ का कार्यभार भी अध्यापक ही देख रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल झंडूता की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बुखर छह माह से एक ही शिक्षक के सहारे चल रही है। शिक्षक के अवकाश पर जाने के बाद अन्य स्कूल के अध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाता है। इससे दोनों स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल में अध्यापकों के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान समय में केवल एक ही अध्यापक तैनात है। एक अध्यापक को यहां से करीब छह माह पहले ही किसी दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से लेकर अभी तक स्कूल में दूसरा शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया। स्कूल में प्री प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 32 है। स्थिति यह है कि शिक्षक को इन सभी बच्चों को एक साथ पढ़ाना पढ़ रहा है। साथ ही स्कूल के प्रशासनिक कार्य भी अकेले ही करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा शिक्षक बीएलओ का कार्यभार भी देख रहा है। अतिरिक्त कार्यभार संभालने के कारण शिक्षक को बच्चों को पढ़ाने का पूरा समय नहीं मिल पाता। जब भी शिक्षक को अवकाश या प्रशिक्षण के लिए जाना पड़ता है तो दूसरे स्कूल से अध्यापक प्रतिनियुक्ति पर आता है। स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने भी कई बार स्कूल में एक और शिक्षक नियुक्त करने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा स्कूल में चपरासी का पद भी करीब चार साल से खाली चल रहा हैं। सरकार के शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावे धरातल पर नाकाम होते नजर आ रहे है। स्कूलों में अध्यापकों की कमी और बच्चों के बैठने की सुविधा न होने के कारण ही सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होती जा रही है। स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने शीघ्र ही स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कोट
प्राथमिक पाठशाला बुखर में शिक्षक के खाली पद की जानकारी मिली है। जिले में शीघ्र ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। तब प्राथमिकता के आधार पर स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति कर दी जाएगी। -नरेश चंदेल, उप निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर