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Bilaspur News: नौणी पंचायत के कई गांवों में एक साल से बिजली संकट

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बार-बार घंटों गुल रहती है बिजली,कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
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मानवां, नौणी, कोठीपुरा, परोही, राजपुरा, नोआ के लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत नौणी के कई गांवों में पिछले करीब एक वर्ष से लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि सितंबर 2025 से मानवां, नौणी, कोठीपुरा, परोही, राजपुरा और नोआ गांवों में बार-बार बिजली गुल रहने की समस्या बनी हुई है, लेकिन बिजली विभाग इसे दूर करने में अब तक विफल रहा है।
स्थानीय निवासी बिंकल ठाकुर, अंकित सांख्यान, मदन लाल, अनिल कुमार, अनुज गुलेरिया, गिनो देवी, अंजना कुमारी, सुनील वर्मा, राहुल सांख्यान, सुभाष ठाकुर, सुकुमार सिंह, रोहतास कुमार, विशाल शर्मा, कांशी राम, मीना देवी, कंचन, रतन लाल, रोशन लाल, चिराग खुराना, हरीश चंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड का रवैया बेहद सुस्त है। उनका कहना है कि फीडरों, ट्रांसफार्मरों और जंपरों में बार-बार खराबी आती है, लेकिन समय रहते उनका रखरखाव नहीं किया जाता।
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ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और तेज हवा चलने पर विभाग के कर्मचारी मौसम खराब होने का हवाला देकर बिजली बहाल करने में देरी करते हैं, जबकि मौसम सामान्य होने पर भी उपकरणों की नियमित जांच और मरम्मत नहीं की जाती। इससे छोटी-छोटी तकनीकी खराबियां भी लंबे समय तक बनी रहती हैं। लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, एसई और एक्सईएन स्तर तक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। आरोप है कि संबंधित जेई कई बार फोन तक नहीं उठाते, जिससे बिजली गुल होने पर शिकायत दर्ज कराना भी मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीणों के अनुसार कई बार 24-24 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इससे बुजुर्गों, बीमार लोगों और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एम्स बिलासपुर के डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ भी किराये के मकानों में रहते हैं। लंबे समय तक बिजली न रहने से उनके दैनिक कार्य और ड्यूटी भी प्रभावित होती है। बताया कि कई बार विद्यार्थियों की परीक्षाओं के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। समाचार लिखे जाने तक भी क्षेत्र में 12 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने का दावा किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, ताकि यह पता चल सके कि आखिर इसी क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति क्यों प्रभावित हो रही है। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आवश्यक होने पर उनकी जगह सक्षम अधिकारियों की तैनाती की जाए।
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