चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस ने योजना तैयार की है। इससे जहां वाहन दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी वहीं दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार भी मिल सकेगा।
इससे वाहन हादसों में गंभीर रूप से घायल होने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकेगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन नेशनल हाईवे में चंडीगढ़ की तर्ज तीन बीट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। इन बीटों में हर वक्त दो से तीन पुलिस कर्मी वाहनों सहित मौजूद रहेंगे। जो किसी भी दुर्घटना के होने पर तत्काल रिस्पॉंस करेंगे। नेशनल हाईवे पर भारी भरकम वाहनों, सैलानियों के वाहनों और स्थानीय वाहनों से व्यस्त रहने से हर वक्त हादसों के होने का खतरा बना रहता है। जब भी यहां पर कोई हादसा होता है तो लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
सही समय पर उपचार न मिल पाने के कारण दर्जनों लोगों की जान भी चली जाती है। देरी से सूचना और अधिक दूरी के कारण पुलिस भी समय रहते दुर्घटना स्थल पर नहीं पहुंच पाती है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। योजना के तहत तहत नौणी चौक से कैंची मोड़ तक हाईवे को तीन बीटों में बांटा जाएगा। इन बीटों में पुलिस प्रशासन दो से तीन पुलिस कर्मचारियों को तैनात करेगा। इनके पास वाहन होंगे। इनके क्षेत्र में जब भी कोई भी हादसा होगा, तो कंट्रोल रूम से संबंधित बीटों में तैनात पुलिस कर्मियों को मैसेज आएगा। इससे वह पांच से 15 मिनट के भीतर दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों को अंजाम देंगे।
इससे घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई जा सकेगी। वहीं ट्रैफिक जाम लगने से लोगों और सैलानियों को आने वाली परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा। पुलिस प्रशासन ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। अगर ऐसा होता है नेशनल हाईवे में होने वाले हादसों में घायल लोगों की ज्यादा से ज्यादा जिंदगी बचाई जा सकेगी और यात्रियों को घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी।
एसपी बिलासपुर राहुल नाथ ने बताया कि नौणी से कैंची मोड़ तक सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस एक प्लान तैयार कर रही है, जिसके तहत इस हाईवे को तीन बीटों में बांटा जाएगा। ऐसे में बीटों में तैनात पुलिस जवानों को हादसों तक पहुंचने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी इससे लाभ पहुंचेगा।