जिला में उद्योग के नाम पर लिए गए प्लाट पर उद्योग न लगाने वालों पर विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में विभाग ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। इसमें देखा जा रहा है कि लोगों ने जो प्लाट उद्योग लगाने के लिए लिए थे उन पर उद्योग चल रहे हैं या कोई और कार्य हो रहा है। हालांकि विभाग को इस बारे में कई शिकायतें मिली है। बिलासपुर में कई नामी लोगों ने औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर प्लाट ले रखे हैं, लेकिन कई ऊंची पहुंच वालों ने इस प्लाटों पर मकान बना रखे है, तो कई प्लाट लेने के बाद भी उद्योग शुरू नहीं किया हैं।
उल्लेखनीय है कि उद्योग विभाग की ओर से उद्योग लगाने के लिए प्लाट दिए गए हैं। जहां उद्योग लगाने के लिए सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाता है, लेकिन विभाग को कई शिकायतें मिली है जिसमें उद्योग के नाम पर ली गई जमीन को निजी कार्य के लिए प्रयोग किया जा रहा है। सूचना है कि कई लोगों ने उद्योग तो लगाए नहीं, लेकिन प्लाट को निजी कार्य के लिए प्रयोग कर रहे हैं।
इस बारे में जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महा प्रबंधक ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि विभाग ने इस संबंध में सर्वे शुरू कर दिया है। उन्होंने कह कि सर्वे के बाद ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा जिन्होंने उद्योग नहीं लगाए है। विभाग ऐसे लोगों के साथ एक बैठक करने के बाद उनके साथ काउंसलिंग कर उद्योग लगाने का अंतिम मौका दिया जाएगा। उसके बाद भी उक्त लोगों ने उद्योग नहीं लगाया तो उनके प्लाट वापस लेकर ऐेसे लोगों को दे दिए जाएंगे जिन्होंने उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया है।