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Bilaspur News: दुष्कर्म और अपहरण मामले में जमानत अर्जी खारिज

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अदालत ने कहा-गंभीर आरोप, रिहाई पर साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका
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डीएनए रिपोर्ट और पीड़िता के बयान को माना अहम, जांच अभी जारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म और अपहरण के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मामले में गंभीर आरोप लगे हैं और इस चरण पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा, क्योंकि उसके रिहा होने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी हुई है।
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मामले के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को थाना घुमारवीं में एक युवती के घर से बिना बताए चले जाने की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी उसे अपने साथ लेकर गया। बाद में युवती ने बयान में आरोप लगाया कि उसे जबरन अपने साथ ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों दिल्ली और अन्य स्थानों पर रहे। मेडिकल जांच के बाद फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए, जिनमें डीएनए रिपोर्ट में आरोपी और पीड़िता के सैंपल का मिलान होने की पुष्टि हुई है। इसे अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है। साथ ही कहा गया कि जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों में जमानत देते समय आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों पर प्रभाव की संभावना जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना आवश्यक है। अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ आरोप स्थापित होते हैं और जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही स्पष्ट किया कि इस आदेश में की गई टिप्पणियां केवल जमानत आवेदन के निपटारे तक सीमित हैं और मामले के अंतिम निर्णय को प्रभावित नहीं करेंगी।
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