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Bilaspur News: सड़क के निर्माण पर लोगों ने उठाए सवाल

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मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ने वाली बनाई जा रही डबल लेन सड़क
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- बोले, धीमी गति से चल रहा काम, गुणवत्ता को किया जा रहा दरकिनार
- सड़क को 19 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा डबल लेन

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मुख्यालय को किरतपुर-नेरचौक फोरलेन से जोड़ने वाली जबली-मंडी भराड़ी सड़क के डबल लेन कार्य पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों को आरोप है कि एक तो सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। 2.7 किलोमीटर सड़क का कार्य डेढ़ साल में पूरा नहीं हो पाया है। दूसरा तय की गई गुणवत्ता के आधार पर निर्माण नहीं हो रहा है।
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शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा और नौणी के निवासी सुकुमार सिंह, अधिवक्ता रोशन लाल चौहान, अंकित सांख्यान, अजय ठाकुर, राम सिंह, जोगिंदर शर्मा, राहुल सांख्यान, विक्रम सिंह, रोशन लाल, सुरेश कुमार, छोटा राम शर्मा ने बताया कि यह सड़क मुख्यालय को नेरचौक-किरतपुर फोरलेन से जोड़ती है। विश्व बैंक की सहायता से बनाई जाने वाली इस सड़क की टेंडर कीमत 19 करोड़ रुपये है और कुल दूरी केवल 2 किलोमीटर 700 मीटर है। डेढ़ साल से अधिक समय से इस सड़क का डबल लेन का कार्य चल रहा है। इस सड़क का शिलान्यास मार्च 2022 में किया गया था। मात्र पौने तीन किलोमीटर सड़क अभी तक तैयार नहीं हो पाई है। साथ ही जितना पैसा इस सड़क पर खर्च किया गया है, उसके हिसाब से बजरी, रेता, मिट्टी और कोलतार की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। निर्माण कर रही कंपनी सिर्फ मिट्टी की लेयर बना रही है, जबकि 40 एमएम का गटका मिलाया जाना चाहिए था। इस सड़क के साथ लगते नाले से जो डंगे दिए गए हैं, उनमें मिट्टी के भरान के बाद जैसे ही बारिश पड़ेगी वह मिट्टी के फूलने की वजह से ढह जाएंगे। इसके अलावा 90 डिग्री का कटान करके ढांक खड़े कर दिए गए हैं और उक्त स्थान पर कोई भी क्रेटवॉल लगाई जा रही है। इस सड़क के साथ लगते स्थानीय संपर्क मार्गों को भी तोड़ कर रख दिया है, जबकि शर्तों में साफ है कि इस सड़क को बनाते समय टूटे स्थानीय रास्तों को 75 मीटर तक बना के देना है। स्थानीय लोगों को पिछले डेढ़ साल से धूल-मिट्टी का शिकार होना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि लोक निर्माण मंत्री और विश्व बैंक इस निर्माण कार्य की जांच करे, ताकि 19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क गुणवत्तापूर्वक बन सके। अन्यथा निर्माण कार्य में हो रही देरी और धांधली पर स्थानीय लोग आंदोलन और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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