घुमारवीं उपमंडल के 62 गांवों में लगे टीसीपी एक्ट के विरोध में संघर्ष समिति फिर मुखर हो गई है। समिति ने चेतावनी दे डाली है कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण समिति अब फिर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी। ग्रामीण किसान संघर्ष समिति के महासचिव बृज लाल शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि किसानों और ग्रामीणों के आंदोलन के बावजूद प्रदेश सरकार ने टीसीपी एक्ट का रद्द नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से महज आश्वासन ही दिए गए। पंचायत चुनावों में भी महज वोट की राजनीति हुई। उन्होंने दोटूक कहा कि किसान संघर्ष समिति पीछे नहीं हटने वाली। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में टीसीपी एक्ट को लेकर समिति की बैठक आयोजित की जा रही है।
इस बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी समिति कई बार संघर्ष का रास्ता अपना चुकी है। इसके बावजूद सरकार उनकी मांग को नहीं मान रही। कई बार वह समिति मुख्यमंत्री और सीपीएस से भी मुलाकात कर चुकी है। लेकिन, उनकी कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही। अक संघर्ष समिति के पास आंदोलन के सिवाय कोई चारा शेष नहीं रह गया है।