शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना के नाम पर शहरवासियों से लूट को अंजाम दिया जा रहा है। शहर में योजना पूरी तरह से हांफ चुकी है। अब आलम यह है कि कूड़ा उठाने के नाम पर शहरवासियों से मनमानी फीस वसूली जा रही है।
अगर कोई इसका विरोध करे तो उसके घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। हैरानी इस बात की है कि इतना कुछ होने के बावजूद भी नगर परिषद प्रशासन खामोश बैठा है। इस योजना के तहत करीब 3500 परिवार जुड़े हैं। पहले ही कूड़ा एकत्रित करने वाली संस्था काम छोड़कर भाग चुकी है। ऐसे में अब कर्मचारी मनमानी पर उतर आए हैं।
50 की जगह वसूले जा रहे 100 रुपये
नगर परिषद ने डोर टू डोर योजना के तहत घर से कूड़ा उठाने की प्रतिमाह 50 रुपये दर तय की हैं। लोगों का आरोप है कि कर्मचारी उनसे तय फीस से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। उपभोक्ताओं से कई जगह 50 की जगह 60 और 100 रुपये वसूले जा रहे है। लोगों का कहना है कि जो भी इसका विरोध करता है, कर्मचारी उसके घर से कूड़ा उठाना बंद कर देते हैं। ऐसे में लोग खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं।
जब इस बारे में नप के कार्यकारी अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो वह उपलब्ध नहीं हो पाए। योजना के तहत शहर के 11 सेक्टरों में 15 कर्मचारी कूड़ा उठाने के लिए तैनात किए गए थे। इसके लिए करीब पांच गाड़ियां लगाई गई थीं। शहर के मात्र 3-4 सेक्टरों में ही कूड़ा उठाने का कार्य किया जा रहा है, जबकि अन्य सेक्टरों में कूड़ा उठाना बंद हो चुका है।
कहां करें शिकायत : जनता
स्थानीय निवासी मनोज कुमार, रंजना देवी, शीतल, तनुजा, अविनाश, महेंद्र कुमार, राजेश, मनोहर लाल, विजय चंदेल, संजय व किशोरी लाल आदि का कहना है कि पिछले काफी समय से कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं आ रहे हैं। इससे कूड़ा फेंकने में दिक्कत पेश आ रही है। क्योंकि नगर परिषद ने सारे कूड़ेदान उठा दिए हैं। अब इस बात की कहां शिकायत करें। नगर परिषद या ठेकेदार द्वारा कोई शिकायत नंबर नहीं दिया गया है। मजबूरी में कूड़ा-कर्चरा यहां-वहां फेंकना पड़ रहा है। उन्होंने नगर परिषद से मांग की है कि कूड़ा उठाने की उचित व्यवस्था बनाई जाए।
रेट लिस्ट तय की गई है : सोमा
इस बारे में नगर परिषद अध्यक्ष सोमा देवी का कहना है कि योजना के तहत कूड़ा उठाने के लिए रेट लिस्ट तय की गई है। यदि कहीं कूड़ा नहीं उठ रहा है, तो इसके लिए कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे। ताकि योजना को सुचारु रूप से चलाया जा सके। नगर परिषद योजना को सही तरीके से चलाने के लिए प्रयासरत है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार होगा।