बिलासपुर। शालूघाट से जब्बल पुल तक सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टरों ने जिला प्रशासन के समक्ष मामला उठाया है। लोगों का कहना है कि करीब 15 वर्ष से इस सड़क को लोक निर्माण विभाग के अधीन करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहनों की आवाजाही तो प्रभावित हो ही रही है, लोगों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
इस संबंध में जिलाधीश बिलासपुर को सौंपे ज्ञापन में स्थानीय प्रतिनिधियों और ट्रांसपोर्टरों ने सड़क की दुर्दशा सुधारने के साथ इसे लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क को रखरखाव के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के अधीन किया है, लेकिन सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार शालूघाट-जब्बल पुल मार्ग पर चौबीस घंटे वाहनों की आवाजाही रहती है। करीब 2000 वाहन प्रतिदिन इस सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि खराब सड़क से उनके वाहनों को नुकसान हो रहा है, जबकि सड़क से उड़ने वाली धूल और अन्य समस्याओं का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के लोग और ट्रांसपोर्टर पिछले 15 वर्षों से सड़क को लोक निर्माण विभाग के अधीन करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान समस्या के समाधान के लिए प्रशासन, स्थानीय प्रतिनिधियों और कंपनी प्रबंधन के बीच पिछले करीब 10 वर्षों में दर्जनों बैठकें भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। संवाद