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विभागों में आपसी तालमेल न होने से शहर को बनाना पड़ा कंटेनमेंट जोन

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बिलासपुर। सरकारी विभागों में आपसी तालमेल न होने के कारण वीरवार को बिलासपुर शहर को कटेंनमेंट जोन बनाना पड़ा। एचआरटीसी के चालक-परिचालक आजकल विभिन्न स्थानों से यात्रियों को लाने और छोड़ने का काम कर रहे है। इस दौरान ये सैकड़ों लोगों के संपर्क में भी आ रहे हैं। लेकिन, अपने जिले में पहुंचने के बाद इन लोगों को लेकर सरकारी अमला गंभीर नहीं है। अगर इन लोगों को भी क्वारंटीन में नियम अनुसार रखा होता तो आज पूरा बिलासपुर शहर बंद करने की नौबत न आती। बिलासपुर में सरकारी कंडक्टर के पॉजिटिव आने पर कई सवाल उठ रहे हैं। जिस प्रकार से बस कंडक्टर ने शहर में भ्रमण किया है, उससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ जाएं, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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एचआरटीसी के आरएम मेहर चंद ने बताया कि वह दूसरे राज्यों से आए लोगों को बस में एक जिले से दूसरे जिले में छोड़ने वाले चालक परिचालकों को 14 दिनों के होम क्वारंटीन में भेज देते हैं। जितने भी चालक-परिचालक आजकल लोगों को बसों में छोड़ रहे हैं, उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जा रहा है। 11 चालक और 11 परिचालक हिमाचल से चंडीगढ़ गए थे। जिन्हें होम क्वारंटीन में रखा गया था। जिसकी बाकायदा स्वास्थ्य विभाग को पत्र के माध्यम से मेडिकल करने की सूचना दी गई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है।
सीएमओ डॉ. प्रकाश दरोच ने बताया की एचआरटीसी कंडक्टर के होम क्वारंटीन की सूचना नहीं थी। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग उस पर नजर नहीं रख पाया। जैसे ही मामला पॉजिटिव आया विभाग ने नियम अनुसार आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एचआरटीसी को इस संबंध में तत्काल जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी चाहिए। इधर, एसपी बिलासपुर दिवाकर शर्मा का कहना है कि चालक को होम क्वारंटीन पर भेजने की बात को स्वास्थ्य विभाग नकार चुका है। जिस कारण होम क्वारंटीन तोड़ने का मुकदमा नहीं बनता है।
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