- बाल कलाकारों ने अपनी कलाकारी से बांधा समा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर में बाल राम नाटक समिति की ओर से आयोजित रामलीला में आठवें दिन लक्ष्मण मूर्छित होने का दृश्य दिखाया गया। यह दृश्य देख कर दर्शकों की आंखे नम हो गईं।
मेघनाद के साथ युद्ध करते हुए लक्ष्मण बेहोश हो गए। इसके बाद हनुमान उन्हें युद्ध स्थल से उठाकर श्री राम शिविर में ले आए। विभीषण के कहने पर हनुमान लंका से वैद्यराज सुषेण को लेकर आते हैं। जो उपचार करने के लिए संजीवनी बूटी को लाने के लिए कहते हैं। संजीवनी बूटी समय से लाना हर किसी के लिए आसान नहीं था। हनुमान ने श्री राम का आशीर्वाद लिया और संजीवनी लाने के लिए निकल पड़े। बीच मार्ग में गंधमादन पर्वत पर प्रहरी कालनेमि और हनुमान के मध्य युद्ध होता है। कालनेमि का संहार कर हनुमान संजीवनी बूटी लेकर शिविर पहुंचते हैं। इस संध्या में राम का किरदार देवांश ने निभाया, जबकि लक्ष्मण का माधव, सीता का सौम्य, रावण का अर्चित, केवट का बिन्नी, कैकेयी का रितिक, शत्रुघ्न का कुश और भरत का किरदार अभिनय मुकुल ने किया।