सीमेंट के दाम बढ़ाने से जनता परेशान
कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। सीमेंट कंपनियों की ओर से एक दिन पहले सीमेंट के दाम बढ़ाए जाने से आम जनता में भारी नाराजगी है। हैरानी की बात है कि जिस जिले में सीमेंट के बड़े-बड़े प्लांट स्थापित हैं, वहीं के लोगों को दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। इससे न केवल उपभोक्ता बल्कि निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार, मजदूर और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि सीमेंट प्लांट होने की वजह से उन्हें धूल, मिट्टी, शोर और प्रदूषण जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। प्लांटों से निकलने वाली धूल से वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सांस की बीमारियां, आंखों में जलन और त्वचा रोग आम होते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोगों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जा रही।
नए साल की शुरुआत के साथ सीमेंट के दाम बढ़ने से निर्माण लागत में और इजाफा हुआ है। इसका असर निजी मकान निर्माण, सरकारी विकास कार्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई लोगों ने महंगे सीमेंट के कारण अपने मकान निर्माण कार्य को रोकने या टालने का फैसला लिया है।
ठेकेदारों और मजदूर वर्ग का कहना है कि सीमेंट महंगा होने से निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में जहां पहले ही आर्थिक संसाधन सीमित हैं, वहां बढ़ते दाम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं।
क्या कहते हैं लोग
राजेश कुमार का कहना है कि बिलासपुर में बनने वाला सीमेंट यदि यहीं के लोगों को अन्य राज्यों से महंगा मिल रहा है, तो यह सरासर अन्याय है। बिलासपुर के लोग फैक्ट्रियों के धुएं और प्रदूषण से स्वास्थ्य के साथ समझौता कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें रियायत मिलनी ही चाहिए थी।
संजीव कुमार ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल में बनने वाला सीमेंट सूबे में ही महंगा बिक रहा है। सरकार को चाहिए कि सीमेंट कंपनियों पर सख्त कानून बनाकर दाम नियंत्रित करने की नीति तैयार करे।
राकेश का कहना है कि प्रदेश के लोगों को फैक्ट्री के धुएं से स्वास्थ्य के साथ समझौता करना पड़ रहा है, जबकि रियायत यहां के लोगों को मिलना लाजिमी था। सरकार को चाहिए कि सीमेंट कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए और स्थानीय लोगों को सीमेंट के दामों में विशेष राहत दी जाए, ताकि महंगाई के इस दौर में आम जनता को कुछ राहत मिल सके।
संजीव कुमार
संजीव कुमार