- स्वच्छता जागरूकता अभियानों का लोगों पर कोई असर नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सरकार की ओर से चलाए गए स्वच्छता अभियानों को पीछे धकेलने में कुछ लोग कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जहां दिल किया वहीं कूड़े के ढेर लगा रहे हैं। स्वच्छता को लेकर चलाए गए जागरूक अभियानों का भी लोगों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। यही कारण है कि लोगों के घरों और दुकानों के कूड़े का बोझ अब जंगलों को उठाना पड़ रहा है।
उपमंडल घुमारवीं के तहत बाड़ी करंगोड़ा गांव के साथ लगते जंगल में लगातार कूड़ा फेंका जा रहा है। यह स्थिति अब वहां के स्थानीय लोगों को भी परेशान करने लगी है। सबसे अधिक परेशानी दिक्कत सुबह सैर करने वाले लोगों को उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों में बाबूलाल धर्माणी, अनिल धर्माणी, सुरेंद्र धर्माणी, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र कुमार, कुलवंत चंदेल, राजकुमार आदि का कहना है कि इन कूड़े के ढेरों के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। चारों तरफ बदबू फैल रही है। उन्होंने कहा कि यह हालत वह लोग बनाते हैं जो अपनी गाड़ियों में सुबह अपने कार्यालय की तरफ निकलते हैं और कार में बैठे-बैठे कूड़े से भरे लिफाफों को सड़क किनारे फेंक देते हैं। हैरानी इस बात की है कि लोग सड़क पर बच्चों को लगाए जाने वाले डायपर भी लिफाफे में भरकर फेंक रहे हैं। हालत इतनी खराब है कि बंदर और अन्य जंगली जानवर कूड़े के ढेरों में खाने की तलाश में सड़क तक पहुंचने लगे हैं। यह जंगली जानवर अब लोगों के घरों की तरफ भी दस्तक देने लगे हैं। लोगों ने बताया कि जब कूड़े में इन्हें कुछ खाने को नहीं मिलता है तो यह बंदर घरों का सामान कर उठाकर ले जाते हैं। जिस स्थान पर यह कूड़ा फेंका जा रहा है वहां पर दो पंचायतों की सीमा है।