7 नवंबर को बिलासपुर में होगी संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक
एरियर और भत्तों के भुगतान को लेकर सरकार को दी चेतावनी
बोले- महंगाई भत्ते की किस्तों पर फ्लाईओवर डालना पूरी तरह से अन्याय
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति बिलासपुर के संयोजक चेत राम वर्मा ने सरकार पर पेंशनरों की अनदेखी और वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि अब प्रदेश के पेंशनर एक बार फिर सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनरों की देनदारियां चुकाने में टालमटोल कर रही है, जबकि खुद विधायकों और मंत्रियों ने अपने वेतन और भत्ते तीस प्रतिशत तक बढ़ा लिए हैं।
वर्मा ने कहा कि फरवरी और सितंबर 2024 में पूरे प्रदेश में हुए धरना-प्रदर्शनों के बाद ही महंगाई भत्ते की किस्त जारी हुई थीं, लेकिन एरियर अब तक नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार को बार-बार चेताने और वार्ता के लिए आग्रह करने के बावजूद पेंशनरों को अब तक नहीं बुलाया गया। इस उपेक्षा के विरोध में 17 अक्तूबर 2025 को प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर पेंशनरों ने प्रदर्शन किया, जिसमें बोर्ड, निगम और अन्य विभागों के 20 से अधिक संगठनों के पेंशनर शामिल हुए। अब आगे की रणनीति तय करने के लिए 7 नवंबर 2025 को जिला परिषद हॉल बिलासपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक होगी। इसमें सरकार की नीतियों के खिलाफ आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। कहा कि सरकार ने हाल ही में चार फीसदी + चार फीसदी की दो महंगाई भत्ते की किस्तों पर फ्लाईओवर डालकर केवल तीन फीसदी की दर से भुगतान किया, जो पेंशनरों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि चार फीसदी की संशोधित अधिसूचना तुरंत जारी की जाए और जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों का संशोधित वेतनमान का बकाया एकमुश्त भुगतान किया जाए। सरकार लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान शीघ्र करे और पेंशनरों को वार्ता के लिए बुलाकर उनके ज्वलंत मुद्दों का समाधान निकाले। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश के पेंशनर, बेरोजगार और आम जनता मिलकर सड़कों और चौक-चौराहों पर माननीयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।