निकाय चुनाव मुद्दा
50 हजार से ज्यादा वाहन, लेकिन स्थायी पार्किंग नहीं
दो करोड़ रुपये से बनी मल्टी स्टोरी पार्किंग भी अब तक बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में इस बार चुनावी माहौल के बीच शहर की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग व्यवस्था बनकर उभर रही है। लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग के अभाव ने शहर की सड़कों को जाम और अव्यवस्था का केंद्र बना दिया है।
शहर के मुख्य बाजारों और राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इससे आम लोगों, दुकानदारों और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरएलए के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2000 से 2026 तक घुमारवीं में 50 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। वहीं पिछले पांच वर्षों में ही करीब 10 हजार छोटे-बड़े वाहन बढ़े हैं। वर्ष 2022 में 2008, 2023 में 2249 और 2024 में 2217 वाहन पंजीकृत हुए। इनमें से करीब 5000 वाहन केवल शहर के लोगों के पास हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई स्थायी पार्किंग सुविधा विकसित नहीं की जा सकी है। शहर में कुछ निजी पेड पार्किंग जरूर हैं, लेकिन उनकी क्षमता सीमित है। ऐसे में लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे सड़कें संकरी होती जा रही हैं। फुटपाथों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। दकड़ी चौक से सीर खड्ड पुल तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं।
वहीं गांधी चौक से तहसील कार्यालय तक जाम की स्थिति आम हो गई है। सबसे बड़ा सवाल उस मल्टी स्टोरी पार्किंग भवन को लेकर उठ रहा है, जिसे करीब डेढ़ वर्ष पहले लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। भवन का उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन यह अब तक आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो पाई है। पहले इसका उपयोग सफाई कर्मचारियों के ठहरने के लिए किया गया और अब भी यह सुविधा पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा विश्राम गृह से बढ़नी घाट तक पार्किंग और नो पार्किंग जोन विकसित करने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से यह योजना फाइलों में ही अटकी हुई है।
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पार्किंग न होने से ग्राहक बाजार में आने से कतराते हैं। कई लोग गाड़ी खड़ी करने की जगह न मिलने के कारण वापस लौट जाते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। -सुरजीत पटियाल, दुकानदार
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नगर परिषद ने वर्षों से केवल आश्वासन ही दिए हैं। करोड़ों रुपये की पार्किंग तैयार है, लेकिन लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा।
नितिन संख्यान, स्थानीय निवासी
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शहर में हर जगह नो पार्किंग जोन है, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहन खड़े करने का कोई विकल्प नहीं है, रोज जाम और चालान भरने की परेशानी झेलनी पड़ती है। - अशोक कुमार, स्थानीय निवासी
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अगर शहर में व्यवस्थित पार्किंग बन जाए तो ट्रैफिक की आधी समस्या खत्म हो सकती है। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को इस मुद्दे पर स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए। -विशाल शर्मा, दुकानदार
नितिन संख्यान।
नितिन संख्यान।
नितिन संख्यान।
नितिन संख्यान।